– गरीबों के हिस्से का अनाज बर्बाद : लाखांदूर में गोदाम की बदहाली उजागर
लाखांदूर (भंडारा) :- सीएमआर अंतर्गत बाहर जिले में चावल भेजा जाता है। लेकिन तहसील कार्यालय अंतर्गत खाद्य आपूर्ति विभाग ने लाखांदुर कृषि मंडी के किराए से लिए गोदाम में रखा हुआ नौ हजार क्विंटल चावल पानी लगने से खराब हुआ है। अब फिर से चावल पालिश के लिए कारखाने में ट्रकों से भिजवाया जा रहा है। गोदाम चावल रखने लायक नहीं होते हुए हजारों क्विंटल चावल कैसे रखा यह सवाल सामने आ रहा है। तहसील कार्यालय के खाद्य आपूर्ति विभाग के माध्यम से सीएमआर अंतर्गत जिले के अंत्योदय व बीपीएल लाभार्थियों को चावल की आपूर्ति की जाती है। गत छह माह से स्थानीय कृषि उपज मंडी परिसर में विभाग ने किराए से गोदाम लेकर लगभग नौ हजार क्विंटल चावल रखा। लेकिन समय पर चावल स्थानांतरित नहीं करने से उसमें फफूंद लगने लगा। कीट लगने से चावल पाउडर में तब्दील होने लगा। बारिश के दिनों में गोदाम में चावल संग्रहित कर रखने से गंभीर परिणाम सामने आए। चावल खराब हो गया। अत्रदाता द्वारा उगाए गए अनाज को गरीबों तक पहुंचाने के लिए शासन प्रयास करता है। लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग की लापरवाही से नौ हजार क्विंटल चावल खराव हो गया। इस चावल की छंटनी कर पालिश किया जाएगा। इतने बड़े नुकसान के लिए कौन जिम्मेदार रहेगा? यह सवाल सामने आ रहा है। चावल नए गोदाम में संग्रहित किया जाएगा.गोदाम में रखे चावल को पानी लगने से चावल खराब हुए है। चावल उठाए नहीं जाने से वापिस किए गए। इन चावल की छंटनी कर फिर से पॉलिश कर नागपुर जिले में भेजे जाएंगे। चावल का कुछ मात्रा में नुकसान हुआ। जिसके बाद नए गोदाम में चावल संग्रहित करने का फैसला लिया है।








