– सीसीटीवी की सख्ती आखिर कौन देगा निधि ?
नागपुर :- परीक्षा मंडल ने 10वीं व 12वीं की परीक्षा को नकल मुक्त बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगाने को अनिवार्य किया है. इस संबंध में करीब महीना भर पहले ही सभी स्कूलों को आदेश दिये गये थे लेकिन अब भी कई केंद्रों पर सीसीटीवी नहीं लगे हैं. मुख्याध्यापक संघ ने सीसीटीवी की अनिवार्यता को रद्द करने की मांग की है. यदि प्रशासन द्वारा अनुदान दिया गया तो ही सीसीटीवी की व्यवस्था की जाएगी. परीक्षा मंडल द्वारा नकल मुक्त अभियान के तहत विविध तरह के कदम उठाये जा रहे हैं. इसके अंतर्गत पर्यवेक्षकों की अदला-बदली करने, सुरक्षा दीवार बनाने और सीसीटीवी लगाने को अनिवार्य किया गया है. हालांकि शहरी भागों की स्कूलों में सीसीटीवी तो है, लेकिन ग्रामीण भागों की अनेक स्कूलों में सीसीटीवी का अभाव है.
कुछ जगह सीसीटीवी है, लेकिन सभी कमरों में नहीं है. जिला परिषद के स्कूलों में पहले से ही सुविधाओं का अभाव है.
बिजली बिल भरने के लिए भी अनुदान नहीं दिया जा रहा है. वहीं बिना अनुदानित स्कूलों को शासकीय स्तर पर कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती. उनके लिए सीसीटीवी लगाना और वर्ष भर शुरू रखना खर्चीला काम है. यही वजह है कि मुख्याध्यापक संघ ने सीसीटीवी की अनिवार्यता को हटाने की मांग की है. संघ का कहना है कि यदि सरकार द्वारा अनुदान दिया गया तो सीसीटीवी लगाने में आसानी होगी. बिना अनुदानित स्कूल छात्रों की फीस पर चलते हैं. विविध तरह के खर्च पहले से ही हैं. अब यदि सीसीटीवी लगाने के लिए छात्रों से फीस वसूली गई तो इसका विरोध होगा. वहीं सीसीटीवी के लिए अतिरिक्त फीस भी मांगी नहीं जा सकती. रियायत के तौर पर सरकार द्वारा निधि उपलब्ध कराई जाना चाहिए।








