– संविधान के पन्नों पर विज्ञापन छापने का मामला
– दीक्षाभूमि में अफरातफरी: संविधान विकृत करने के आरोप में प्रतियां जब्त
– “संविधान हमारी सांस है” — भदंत आर्य नागार्जुन ससाई का दो टूक संदेश
नागपुर :- भारतीय संविधान के भीतरी पन्नों पर विज्ञापन छापकर प्रतियां बेचने वाले दो दुकानदारों को दीक्षाभूमि स्थित प.पू. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर स्मारक समिति ने बेदखल कर दिया. स्मारक समिति के अध्यक्ष और धम्म सेना नायक भदंत आर्य नागार्जुन सुरेई ससाई ने इस संवेदनशील मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए दीक्षाभूमि पहुंचे. उन्होंने स्मारक समिति के सदस्य विलास गजघाटे से विस्तृत चर्चा की. संविधान की प्रतियां बेचने वाले दोनों दुकानदारों को दीक्षाभूमि क्षेत्र से बेदखल कर दिया गया. इस दौरान वहां अफरातफरी का माहौल बन गया. संविधान हमारा जीवन है, संविधान हमारी सांस है. ससाई ने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि हम संविधान की प्रकाशित प्रतियों को विकृत करने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं करेंगे.
भीमराज सेना विदर्भ के अध्यक्ष रवि नितनवरे और उनके सहयोगियों ने रविवार को इस गंभीर घटना को सार्वजनिक किया और बजाज नगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई. बजाज नगर पुलिस स्टेशन से पुलिस तुरंत दीक्षाभूमि पहुंची. पुलिस ने विज्ञापन सहित संविधान की कुछ प्रतियां जब्त कर लीं. इस गंभीर घटना से आंबेडकर के अनुयायियों में आक्रोश की लहर दौड़ गई और भदंत ससाई दुखी हुए. ससाई सोमवार को दीक्षाभूमि गए और समिति सदस्य गजघाटे से इस बारे में चर्चा की. चूंकि यह एक गंभीर घटना थी, इसलिए दोनों विक्रेताओं को वहां से बाहर निकाल दिया गया. भदंत ससाई, बजाज नगर पुलिस को एक बयान सौंपेंगे ताकि उन्हें दीक्षाभूमि क्षेत्र में दोबारा दुकान खोलने से रोका जा सके.
इस दौरान, ससाई ने दुकान में मौजूद बुद्ध और अंबेडकर साहित्य का निरीक्षण किया और सुनिश्चित किया कि उसमें कोई दुर्भावना न हो. इस चर्चा के दौरान अनुयायियों के गुस्से को देखते हुए, ससाई ने सभी से शांत रहने की अपील की. इस अवसर पर भिक्षु संघ, धम्म सेना और भीमराज सेना के बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अनुयायी उपस्थित थे. बजाज नगर पुलिस की एक टुकड़ी भी मौजूद थी.








