– त्योहार पर शांति भंग करने वालों को शहर से बाहर रहने का आदेश
– महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 163(2) के तहत कार्रवाई, 1 से 4 मार्च तक लागू रहेगा प्रतिबंध
नागपुर :- होली की पूर्व संध्या पर शहर में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण एहतियाती कार्रवाई करते हुए, नागपुर जोन-3 पुलिस ने 28० शातिर अपराधियों पर कानूनी प्रतिबंध लगाए हैं. यह अभियान उपायुक्त (डीसीपी) राहुल मदाने के नेतृत्व में चलाया गया है और इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान संभावित अनुशासनहीनता को रोकना है .
यह कार्रवाई महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 163(2) के तहत की गई है. होली के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर भारी भीड़ होती है, कार्यक्रम देर रात तक चलते हैं और सडक़ों पर आवागमन बढ़ जाता है. इसके चलते छोटे-मोटे विवादों से लेकर समूहों के बीच झड़पों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले ही सख्त कदम उठा लिए हैं.
पुलिस ने बार-बार अपराध करने वालों, आपराधिक रिकॉर्ड वाले अपराधियों और कानून-व्यवस्था का उल्लंघन करने वालों की सूची तैयार कर ली है. संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ निर्वासन आदेश, कड़ी निगरानी और आवागमन पर प्रतिबंध जैसे उपाय किए गए हैं. इन व्यक्तियों को 1 मार्च से 4 मार्च, 2०26 तक, यानी होली के मुख्य दिनों के दौरान, शहर की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है. यह अभियान कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, पांचपावली और शांतिनगर पुलिस थानों के क्षेत्रों में चलाया गया है.
पुलिस ने बताया कि आपराधिक पृष्ठभूमि और त्योहारों के दौरान शांति भंग करने की संभावना के आधार पर 28० संबंधित व्यक्तियों का चयन किया गया है. उपायुक्त राहुल मदाने ने कहा, हमारा मुख्य उद्देश्य होली के दौरान समूह विवादों, उत्पीडऩ, गुंडागर्दी, जुआ, अवैध जमावड़े और अन्य कुकर्मों को रोकना है. इसके लिए शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और गश्त बढ़ा दी गई है. सीसीटीवी और गुप्त दस्तों के माध्यम से निगरानी कड़ी कर दी गई है. साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदारी से त्योहार मनाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनुचित व्यवहार की सूचना तुरंत पुलिस को दें. नागपुर पुलिस ने विश्वास व्यक्त किया है कि इन सभी एहतियाती उपायों के कारण इस वर्ष की होली अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण होगी.








