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वना नदी में बने गहरे जानलेवा गड्ढे

– तीन लाेगाें ने गवाई जान, अधिकारीयाें की अनदेखी

 मांडगांव :- मांडगांव वना नदी में अवैध तरीके से रेत माइनिंग बड़ी मात्रा में हो रही है, जिस वजह से लोगों को पानी का बहाव और गड्ढे की गहराई का अंदाज़ा लगाना मुश्किल हाे रहा है। हालांकि पानी कम लग रहा है, लेकिन वना नदी के किनारे बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। जिस वजह से नदी में हादसे हाेने लगे है. गैर-कानूनी तरीके से चल रहे रेत माइनिंग से होने वाली मौतों के लिए ज़िम्मेदार रेत मालिकों और प्रशासन पर नज़र रखने की जिम्मेदारी आखिर काेन उठाएगा, ऐसा सवाल अब गाववासी सरकार से कर रहे है.

मांडगांव वना नदी के किनारे गैर-कानूनी रेत माइनिंग की वजह से नदी के किनारे 15/20 फीट के बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। यह बहुत बड़ी बदकिस्मती है कि अभी तक किसी भी प्रशासन या अधिकारियों ने इस मांडगांव वना नदी के किनारे पर चल हे गैरकानुनी कामाें की और ध्यान नहीं दिया है. जिससे नदी का किनारा गड्ढों वाला हो गया है। ऐसे समय में लोगों के डूबने की घटनाएं लगातार होती रहती हैं। हाल ही में हिंगणघाट तालुका के शेकापुर (बाई) नदीतल में अवैध रेत खनन के कारण गड्ढे में जलस्तर का अनुमान न आने से कुछ लाेगाें की डूबने के वजह से माैत हाे गयी. इस घटना की स्याही सूखी भी नहीं थी कि दूसरे दिन सुबह दस-ग्यारह बजे के करीब शेडगांव (अाजदा) के किनकर परिवार के पिता, पुत्री और पुत्री की सहेली गुंजन तीनों गांव से अधिक मास के लिए शेडगांव मांडगांव वना नदीतल में स्नान करने हेतु आए थे। लेकिन नदी में बने गहरे गड्डाें का अंदाजा न आने से तिनाें गड्डाें में फंस गये. और उनकी घटनास्थलपर ही माैत हाे गयी. इस दुर्भाग्यपुर्ण घटना से जनता के मन में प्रशासन के खिलाफ तीव्र क्राेध है. अवैध रेत खनन से हो रही मौतों के प्रति प्रशासन अपनी उदासीनता दिखा रहा है. जब रेत घाट नीलाम हो जाते है तो कागज़ात पर दिखाया जाता हौ. लेकिन रेत खनन को लेकर कई नियम होने के बावजूद रेत घाट मालिक नदी तल से गैर-कानूनी तरीके से रेत निकाल रहे हैं और प्रशासन और रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारी कुंभकर्णी नींद में इस नदी तल में हो रहे खनन पर आंखें मूंदकर अनदेखी कर रहे है, ऐसा आराेप गांव वालों ने कर रहे है.वना नदी तल में बने गड्ढों की वजह से किनकर पिता, बेटी और बेटी की दोस्त गुंजन की मौत के लिए घाट मालिक और प्रशासन के स्थानिक कर्मचारीयाेंकाे जिम्मेदार ठहराकर उनपर कारवाई करने की मांग गाववालाें ने की है.

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