– २५ लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा
सचिन चौरसिया, रामटेक :- तालुका के देवलापार क्षेत्रीय वनक्षेत्र के छवारी शिवर स्थित लखन बांध में, एक पिता ने बाघ के डर से अपने बेटे को गोद में लेकर जान बचाने के प्रयास में बांध में छलांग लगा दी, लेकिन दोनों पानी में डूब गए। मृतकों की पहचान दुलारा निवासी जीवन धर्मराज कोकोडे (उम्र ३५) और उनके बेटे जतिन धर्मराज कोकोडे (उम्र ७) के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब जीवन कोकोडे अपने बेटे जतिन और अपने साले के साथ मछली पकड़ने गए थे, तभी उन्हें दूर से बाघ के आने की आवाज सुनाई दी। साले ने चिल्लाकर उन्हें चेतावनी दी और अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। जीवन, जो डरे हुए थे, बाघ के डर से अपने बेटे के साथ पानी में कूद गए। हालांकि, बांध की गहरी कीचड़ में उनके पैर फंस जाने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके। इसी में दोनों की मौत हो गई। जब ग्रामीण बचाव के लिए दौड़े तो उन्होंने बच्चे का शव पानी पर तैरता हुआ देखा, जबकि पिता का शव बाद में निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही देवलापार पुलिस स्टेशन के अधीक्षक नारायण तुरकुंडे और वनक्षेत्र अधिकारी शेषराव टूले अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बचाव एवं पंचनामा प्रक्रिया पूरी की। इस घटना के बाद पूर्व जिला परिषद सदस्य शांता कुमरे, रविंद्र कुमरे और सरपंच रणजीत कोकोडे ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मुआवजे की मांग की।
२५ लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा |
घटना की गंभीरता और बाघ के पदचिह्नों को देखते हुए, वन विभाग ने मृतक पिता और पुत्र के वारिसों को २५ लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है और तत्काल सहायता के रूप में ५०००० रुपये सौंपे हैं। सहायक वन संरक्षक गोविंद लुचे ने बताया कि विभाग वारिसों को रोजगार की सिफारिश भी करेगा। इस घटना से स्थानीय किसानों में भारी भय और आक्रोश फैल गया है।








