– छात्रों के भविष्य पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला
नई दिल्ली :- देशभर में पेपर लीक मामलों को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान सामने आया है। मोदी ने कहा कि युवाओं का हित और उनका भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों में दोषियों को शीघ्र और कठोर सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विभागों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये गये हैं।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के हितों की रक्षा के लिए लगातार महत्वपूर्ण कदम उठा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

लाठीचार्ज के बाद आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन:
सोमवार को छात्र आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज के बाद आंदोलन को देशभर से समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने आंदोलन का समर्थन किया है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत में लिया था। वहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेपर लीक के किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा और सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलनकारियों की चार प्रमुख मांगें
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सीजेपी (कॉक्रोच जनता पार्टी) के कार्यकर्ताओं ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं:-
1. सोनम वांगचुक को तत्काल रिहा किया जाए।
2. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।
3. आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
4. 20 जुलाई के शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी कानूनी मामले वापस लिए जाएं।
आंदोलन का आज 34वां दिन है। आंदोलन के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





