नागपुर :- वर्ष 2017 में महिला की मौत के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी केरडी, तहसील पारशिवनी निवासी रोशन रघुनाथ नितनवरे (45), को गैर इरादतन हत्या (सदोष मनुष्यवध) का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, कन्हान थाने में वर्ष 2017 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता मिना अजय नितनवरे ने पुलिस को बताया था कि उनकी भाभी प्रियंका नितनवरे का आरोपी रोशन नितनवरे से घर के सामने पशु बांधने और जमीन को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के दौरान आरोपी ने पहले प्रियंका के साथ गाली-गलौज की और डंडे से मारपीट की। इसके बाद जान से मारने की नीयत से उस पर जलता हुआ दीया फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच तत्कालीन सहायक पुलिस निरीक्षक देवानंद लोणारे ने की। उन्होंने आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा कर न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। 29 जुलाई 2026 को जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रमांक-19 वी. वी. मुंगलीकर ने सबूतों के आधार पर आरोपी रोशन रघुनाथ नितनवरे को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (भाग-1) के तहत दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक (एपीपी) आर. बी. भोयर ने पैरवी की। मामले में कन्हान उप विभाग के पुलिस अधिकारियों, नागपुर ग्रामीण दोषसिद्धि प्रकोष्ठ तथा कन्हान पुलिस स्टेशन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।





