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कोराडी में 162 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा तैयार

– अक्टूबर में होगा लोकार्पण, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

नागपुर :- कोराडी स्थित प्रसिद्ध श्री महालक्ष्मी जगदंबा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनने जा रही 162 फीट ऊंची भगवान हनुमान की भव्य प्रतिमा का मुख्य निर्माण कार्य पूरा हो गया है। प्रतिमा के अंतिम चरण के काम तेजी से जारी हैं। प्रस्तावित योजना के अनुसार इसका अक्टूबर में भव्य लोकार्पण किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों लोकार्पण की संभावना है।

   कृत्रिम तालाब के बीच स्थापित यह विशाल प्रतिमा 40 फीट ऊंचे आधार पर खड़ी है। इस तरह प्रतिमा और आधार की संयुक्त ऊंचाई करीब 202 फीट हो जाती है। इसके साथ ही यह देश की ऊंची हनुमान प्रतिमाओं में शामिल होने के साथ नागपुर और विदर्भ के लिए एक नया आकर्षण बनने जा रही है। जानकारी के अनुसार, परियोजना की शुरुआती योजना में हनुमान प्रतिमा की ऊंचाई 151 फीट निर्धारित की गई थी। हालांकि, डिजाइन और योजना में बदलाव के बाद इसकी ऊंचाई बढ़ाकर 162 फीट कर दी गई। प्रतिमा का निर्माण करीब 11.50 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिमा का मुख्य ढांचा तैयार हो चुका है। अब सीढ़ियां, टाइल्स, लैंडस्केपिंग, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण सहित अंतिम चरण के काम किए जा रहे हैं। लोकार्पण से पहले पूरे परिसर को आकर्षक रूप देने की तैयारी है।

7 करोड़ के लेजर-लाइट शो से जगमगाएगा कोराडी

हनुमान प्रतिमा के लोकार्पण से पहले ही नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने कोराडी को प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में अगला कदम उठाया है। कृत्रिम तालाब के आसपास अत्याधुनिक लेजर एवं लाइट शो के लिए करीब 7 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। शाम के समय होने वाला यह मल्टीमीडिया शो पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनने की उम्मीद है। इससे कोराडी में वर्षभर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

214.94 करोड़ की पुनर्विकास परियोजना

हनुमान प्रतिमा कोराडी मंदिर परिसर के 214.94 करोड़ रुपये के पुनर्विकास प्रकल्प का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कार्य तीसरे और चौथे चरण के तहत किया जा रहा है। एमएमआरडीए के आयुक्त संजय मीना के नेतृत्व में प्राधिकरण पहले और दूसरे चरण के कार्य पूरे कर चुका है, जबकि शेष कार्यों को गति दी जा रही है। इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना है। विशाल प्रतिमा के लिए आवश्यक कृत्रिम तालाब और विशाल आधार का निर्माण महाजेनको ने किया है। वहीं, प्रतिमा का निर्माण एमएमआरडीए की ओर से दिल्ली की विशाल स्मारकीय प्रतिमाओं के निर्माण में विशेषज्ञ कंपनी के माध्यम से कराया गया है। इसके लिए निर्माण ठेका जुलाई 2023 में प्रदान किया गया था।

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