spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

लॉकअप में पिज्जा, मुलायम गद्दे की मांग

– नाबालिग से जुड़े मामले के आरोपी के रवैये से पुलिस परेशान

नागपुर :- नाबालिग लड़की के कथित अपहरण और यौन अपराध से जुड़े मामले में गिरफ्तार 20 वर्षीय आरोपी के पुलिस हिरासत में रवैये ने जांच अधिकारियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सहयोग करने के बजाय आरोपी ने लॉकअप में पिज्जा, तकिया, मुलायम गद्दे और मच्छरों से बचाव के लिए मॉस्किटो रिपेलेंट जैसी सुविधाओं की मांग की।

पुलिस के मुताबिक, बीबीए का छात्र आरोपी लॉकअप की अस्वच्छता, दुर्गंधयुक्त शौचालय और मच्छरों की शिकायत भी कर रहा है। पुलिस का कहना है कि कानून के तहत उसे आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, लेकिन विशेष या विलासिता वाली सुविधाएं देना संभव नहीं है।

मोबाइल का पासवर्ड देने से इनकार

जांच के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन और पीड़िता के पास से जब्त मोबाइल का पासवर्ड देने से इनकार किया। इससे पुलिस को डिजिटल सबूत जुटाने में परेशानी हो रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शुरुआत में चिकित्सकीय जांच और उपचार में भी सहयोग नहीं किया, हालांकि बाद में उसे मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया। पुलिस का आरोप है कि पूछताछ के दौरान आरोपी सवालों से बचने का प्रयास कर रहा है। जांच अधिकारियों के अनुसार, वह अपने कृत्य की जिम्मेदारी से बचने के लिए पीड़िता को ही जिम्मेदार ठहराने का प्रयास भी कर रहा है।

पुलिस पर लगाएं गंभीर आरोप

इस बीच मंगलवार को विशेष अदालत में पेशी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उसने दावा किया कि पुलिस ने उसके किराए के घर से 70 हजार रुपये नकद लिए, उसके साथ मारपीट की तथा उसका चश्मा और जूते वापस नहीं किए। पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी जांच से बचने और अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए इस तरह के दावे कर रहा है। पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है। इसके चलते उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.

Copyright Disclaimer: If Any Image, video or article belongs to its respective owner/creator. Full credit goes to the original creator. No copyright infringement intended.