– वन विभाग की कार्रवाई; कछुए का कवच और लोहे का सत्तूर जब्त
नागपुर :- संरक्षित वन्यजीव का शिकार करने के मामले में वन विभाग ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों पर कछुए का अवैध शिकार कर उसके अंग अलग करने और मांस का सेवन करने का आरोप है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने कछुए का कवच और लोहे का सत्तूर जब्त किया है।
वन परिक्षेत्र अधिकारी, बूटीबोरी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने मौजा सावंगी (दे.) में कार्रवाई की। टीम ने मनोज अर्जुन घरडे, निवासी वार्ड क्रमांक 1, सावंगी के मकान की तलाशी ली। इस दौरान मकान के पीछे आम के पेड़ की दो टहनियों के बीच कछुए का कवच/खोपड़ी बरामद हुई। पूछताछ में मनोज घरडे ने कथित तौर पर बताया कि मंगेश सोनलाल कोसरे (37) और सुनील भाऊराव नागोसे (30), दोनों निवासी सावंगी, की मौजूदगी में कछुए के अंग काटे गए थे। वन विभाग ने तीनों को हिरासत में लेते हुए उनके पास से कछुए का कवच और लोहे का सत्तूर जब्त किया।मामले में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत वन मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच सहायक वन संरक्षक, जंकास-2 उमरेड मनोज धनविजय कर रहे हैं।
यह कार्रवाई भारतीय वन सेवा की उप वन संरक्षक (प्रा.) नागपुर डॉ.विनीता व्यास के मार्गदर्शन में सहायक वन संरक्षक मनोज धनविजय, वन परिक्षेत्र अधिकारी छबुकांता भडांगे, क्षेत्र सहायक बुटीबोरी पश्चिम पी.ए. माटे, वन रक्षक पी. यू.पाटिल, वन रक्षक जी.बी.मुंडे तथा वाहन चालक रत्नाकर गुलाब चाके ने की।
संरक्षित प्रजाति है भारतीय फ्लैपशेल कछुआ
वन विभाग के अनुसार बरामद अवशेष भारतीय फ्लैपशेल कछुए (लिसेमिस पंक्टाटा) के हैं। यह वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजाति है और इसे भारतीय कानून के तहत उच्च स्तर का संरक्षण प्राप्त है। वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वन्यजीवों के शिकार, अवैध बिक्री या तस्करी की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें। वन्यजीवों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के लिए आवश्यक है।





