– १ से ४ तक के बच्चे एक ही कक्षा में
सचिन चौरसिया,रामटेक :- देवलापार आदिवासी क्षेत्र स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के सरकार के दावे स्थानीय जिला परिषद विद्यालय में खुलके साबित हो रहे हैं। नए कक्षाओं का निर्माण पिछले छह महीनों से रुका हुआ है, जिससे छात्रों का शैक्षिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। वर्तमान में, पहली से चौथी कक्षा तक के सभी विद्यार्थियों को एक ही कक्षा में पढ़ाया जाता है, जो केवल २२ विद्यार्थियों के लिए ही बनी है। इसी कमरे में स्कूल का सामान रखने से विद्यार्थियों को काफ़ी परेशानी हो रही है और कुछ विद्यार्थियों को दफ्तर में बैठना पड़ता है। यह विद्यालय, जिसे पहले आदर्श माना जाता था, लंबे समय तक चार कक्षाओं के लिए केवल एक ही शिक्षक द्वारा पढ़ाया जाता था। यद्यपि हाल ही में एक और शिक्षक ने कार्यभार संभाला है, फिर भी अपर्याप्त स्थान के कारण शिक्षण कार्य में गंभीर बाधाएँ आ रही हैं।
मैदान के जमीन पर बिखरे निर्माण सामग्री
मैदान के जमीन पर बिखरे निर्माण सामग्री, लोहे की छड़ें, रेत और बजरी के कारण बच्चे खेल नहीं पा रहे हैं। पास में ही राजमार्ग होने के कारण छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। विशेषता है कि स्थानीय ग्राम पंचायत को यह भी नहीं पता कि इस निर्माण कार्य के लिए कौन सा ठेकेदार जिम्मेदार है।
कैसे सीखें और कहां खेलें?
एक तरफ सरकार सरकारी स्कूलों में दाखिले बढ़ाने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं की कमी है। ऐसे में आदिवासी इलाकों के बच्चे कैसे पढ़ेंगे और कहां खेलेंगे? माता-पिता गुस्से में यही सवाल उठा रहे हैं। इलाके से यह ज़ोरदार मांग है कि संबंधित विभाग इस स्थिति का तुरंत संज्ञान ले, रुके हुए निर्माण कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करे और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराए।





