– गोधनी में क्लोरीन गैस रिसाव मामला, संयंत्र हटाने की मांग की
नागपुर :- गोधनी जल शुद्धिकरण संयंत्र में सोमवार तड़के क्लोरीन गैस का रिसाव होने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गैस के संपर्क में आने से कई लोगों को सांस लेने में परेशानी और अन्य तकलीफें हुईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना के बाद संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था और संचालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
गोधनी नगर पंचायत की अध्यक्ष रोशना कोलते ने बताया कि घटना रात करीब 12 से 12.15 बजे के बीच हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल शुद्धिकरण संयंत्र पर नगर पंचायत का प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं है। उनके अनुसार, संयंत्र महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) का है और अभी तक इसे नगर पंचायत को औपचारिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया गया है। कोलते ने बताया कि संयंत्र में फिलहाल केवल एक कर्मचारी कार्यरत है, जो नगर पंचायत का कर्मचारी नहीं है। उन्होंने कहा कि नया गोधनी जल शुद्धिकरण संयंत्र अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है और परीक्षण के दौर से गुजर रहा था। इसी दौरान क्लोरीन गैस के रिसाव की घटना हुई।

उन्होंने बताया कि फिलहाल गोधनी नगर पंचायत को नागपुर महानगरपालिका के जल शुद्धिकरण संयंत्र से पानी की आपूर्ति मिल रही है। नए संयंत्र की क्षमता करीब 4.5 एमएलडी है। यह क्षेत्र के दो ऊंचे जलाशयों, जिनमें म्हाडा और अराधना सोसाइटी के जलाशय शामिल हैं, को पानी उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया जा रहा है। गोधनी क्षेत्र के लिए यह प्रमुख जल शुद्धिकरण संयंत्र है। क्लोरीन गैस के रिसाव के बाद आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें होने लगीं। स्थिति बिगड़ने की आशंका के चलते कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बाद में प्रभावित लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
नगर पंचायत अध्यक्ष कोलते ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर रखना और यह सुनिश्चित करना है कि किसी को गंभीर नुकसान न हुआ हो। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत की टीम घटनास्थल का जायजा लेकर प्रभावित लोगों की स्थिति की जानकारी लेगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जाएगी और संयंत्र के पर्यवेक्षक तथा संबंधित अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद ही क्लोरीन गैस रिसाव के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।

संयंत्र हटाने की मांग
घटना के बाद नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय पार्षदों ने जल शुद्धिकरण संयंत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए इसे आबादी वाले क्षेत्र से कहीं और स्थानांतरित करने की मांग की। चूंकि, संयंत्र अभी तक गोधनी नगर पंचायत को औपचारिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया गया है और घटना के समय वहां परीक्षण चल रहा था, इसलिए अब संयंत्र के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी की जिम्मेदारी को लेकर संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष ने प्रभावित नागरिकों को हरसंभव सहायता देने और पूरे मामले की व्यापक समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।.
उपचार में किसी तरह की कमी न रहने दें : बावनकुले
गोधनी ग्राम पंचायत क्षेत्र स्थित महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजेपी) के जलशुद्धीकरण केंद्र में क्लोरीन गैस के अचानक रिसाव से आसपास के आवासीय क्षेत्र के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद को तत्काल आवश्यक उपाय योजना करने के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग की अन्य व्यवस्थाओं को भी सतर्क रखने के निर्देश दिये गये। गैस का रिसाव कर रहे सिलेंडर को पूरी तरह पानी में डुबोकर रखा गया, जिससे गैस रिसाव को नियंत्रित करने और संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली। पालकमंत्री बावनकुले ने प्रभावित नागरिकों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।

विधायक डॉ.पोतदार और राऊत ने दी भेंट
घटना के साथ लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगा। बुजुर्गों को सर्वाधिक दिक्कत होने लगी। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया। घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस नेता कुंदा राऊत और विधायक डॉ.राजीव पोतदार समेत अन्य नेता भी लोगों की पूछपरख करने अस्पताल में पहुंचे।





