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बूटीबोरी नगर परिषद की जर्जर इमारत में खतरा

– स्ट्रक्चरल ऑडिट में खुली पोल, सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत

बूटीबोरी :- बूटीबोरी नगर परिषद की मौजूदा इमारत लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। वर्ष 2003 में निर्मित यह भवन पहले सांस्कृतिक सभागृह के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। वर्तमान में इसी जर्जर इमारत में नगर परिषद का कार्यालयीन कामकाज चल रहा है। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए यहां आने वाले नागरिकों के साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

बारिश के दौरान भवन की छत से पानी टपकने की समस्या सामने आती है। इसके अलावा इमारत के अन्य हिस्सों की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। नगर परिषद में रोजाना विभिन्न कार्यों के लिए बड़ी संख्या में नागरिक पहुंचते हैं। ऐसे में जर्जर भवन में कामकाज जारी रहने से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। नगर परिषद की इस इमारत का 29 जनवरी 2026 को स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया गया था।

ऑडिट में भवन को जनता की आवाजाही और नियमित कार्यालयीन कामकाज के लिए असुरक्षित बताया गया है। इसके बाद नगर परिषद के समक्ष सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्ट्रक्चरल ऑडिट में भवन के असुरक्षित पाए जाने के बावजूद यहां रोजाना अधिकारी-कर्मचारी काम कर रहे हैं और नागरिक अपने विभिन्न कार्यों के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करना आवश्यक माना जा रहा है।

नई जगह की तलाश

नगराध्यक्ष सुमित मेंढे ने बताया कि नगर परिषद के लिए नई जगह उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, हमने नई जगह की मांग की है। इस संबंध में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से भी जगह उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।

जर्जर भवन को लेकर नागरिकों में भी चिंता बढ़ती जा रही है। स्ट्रक्चरल ऑडिट में इमारत को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद नगर परिषद के कामकाज के लिए सुरक्षित और स्थायी स्थान उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है। अब प्रशासन और संबंधित विभाग इस दिशा में कितनी जल्द कार्रवाई करते हैं, इस पर नागरिकों की नजर है।


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