– दो दिन बाद आयोजकों पर एफआईआर
नागपुर :- छोटा ताजबाग चौक पर रविवार को आयोजित दही-हांडी स्पर्धा में ध्वनि प्रदूषण संबंधी नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया। पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाया गया और प्रतिबंध के बावजूद बीम-लेजर लाइटों का इस्तेमाल किया गया। मामले में पुलिस ने आयोजकों और साउंड सिस्टम संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
छोटा ताजबाग चौक पर हर वर्ष दही-हांडी स्पर्धा आयोजित की जाती है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग और युवा कार्यक्रम में शामिल हुए। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण तथा बीम-लेजर लाइटों पर प्रतिबंध के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान तेज आवाज में डीजे बजता रहा।
100 डेसिबल से अधिक मिली आवाज:
पुलिस ने आयोजकों और साउंड सिस्टम संचालक को आवाज कम करने के निर्देश दिए। पुलिस के अनुसार, मशीन से दो बार साउंड की जांच की गई और दोनों बार ध्वनि का स्तर 100 डेसिबल से अधिक पाया गया। इसी दौरान विधायक मोहन मते ने माइक से पुलिसकर्मियों को डीजे और स्टेज के पास नहीं जाने की बात कही। इसके बाद भी डीजे की आवाज कम नहीं की गई। कार्यक्रम को रात 10 बजे तक अनुमति थी। इसके बावजूद पुलिस के अनुसार, रात करीब 10.30 बजे तक डीजे बजता रहा। अधिक संख्या में भीड़ मौजूद होने के कारण पुलिस ने तत्काल डीजे बंद कराने के बजाय स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और आयोजकों के बीच विवाद भी हुआ।
दो दिन बाद दर्ज हुआ मामला:
घटना के दो दिन बाद मंगलवार को पुलिस उपनिरीक्षक सचिन फुंदे की शिकायत पर आयोजकों के खिलाफ बीएनएस, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में भाजपा युवा मोर्चा से जुड़े कुलदीप माटे, अर्पित मलघाटे, केतन साठवने, अक्षय खराबे, उदय ढोमने, राजेश काले, विजय ठाकुर, अंकुश भुरे, आर्यन पलांदूरकर, सूरज बंसोड़, चेतन राठौड़, अनिकेत साबले सहित अन्य के नाम शामिल हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।





