– अमरावती में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई, डॉक्टर और पति फरार
नागपुर/अमरावती :- नाबालिग किशोरी की प्रसूति के बाद उसके नवजात शिशु को साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने के प्रयास के मामले में अमरावती के राजापेठ क्षेत्र स्थित डॉ. वैशाली भोजने का अस्पताल सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद से डॉ. भोजने और उनके पति प्रफुल्ल भोजने फरार हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त शिकायत के आधार पर 18 अक्टूबर को फ्रेजरपुरा पुलिस थाने में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग किशोरी अपने नाबालिग मित्र के साथ प्रेम संबंध में थी, जिसके चलते वह गर्भवती हो गई। इसकी जानकारी मिलने के बाद परिजन उसे उपचार के लिए डॉ. वैशाली भोजने के अस्पताल ले गए। 15 अक्टूबर को किशोरी ने एक बच्चे को जन्म दिया। प्रसूति के बाद नवजात शिशु की देखरेख और उसके संरक्षण को लेकर विवाद सामने आया। किशोरी की मां ने इस संबंध में डॉक्टर से पूछताछ की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान डॉक्टर और उनके पति ने धमकी दी तथा बच्चे को जबरन अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया।
साढ़े तीन लाख रुपये में बिक्री के प्रयास का आरोप
शिकायत में नवजात शिशु को साढ़े तीन लाख रुपये में बेचने का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में डॉ. वैशाली भोजने, उनके पति और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ कथित अत्याचार तथा मानव तस्करी से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
शिवसेना के शिंदे गुट की सह-संपर्क प्रमुख वर्षा भोयर ने पत्रकार परिषद में दावा किया कि उन्होंने इस मामले में जाल बिछाया था। उनके अनुसार, डमी महिला मरीज और डॉक्टर के बीच सौदे को लेकर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी गई है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल सबूतों को सुरक्षित रखने तथा मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की।
अस्पताल के दस्तावेजों की जांच के बाद कार्रवाई:
संबंधित अस्पताल के चिकित्सा लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जुटाने के लिए फ्रेजरपुरा पुलिस ने जिला शल्य चिकित्सक तथा महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, डॉक्टर के आवास पर भी ताला लगाया गया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस द्वारा आगे की जांच जारी है।








