– कोल यार्ड-1 में पहले भी आग की घटनाएँ, कोल यार्ड-2 में पुराने जले कोयले को नए स्टॉक में डालने का आरोप!
इनसाइडर न्यूज़ टुडे ने पहले भी कोयला आपूर्ति और गुणवत्ता पर उठाए थे सवाल; अब आग के कारण, संभावित करोड़ों के नुकसान और अधिकारियों की जवाबदेही की जाँच की माँग
नागपुर / सावनेर :- वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के सावनेर सब-एरिया अंतर्गत अदासा UG to OC कोयला स्टॉक में आग लगने की घटनाओं ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले तीन महीनों के दौरान कोल यार्ड-1 में आग लगने की घटनाएँ सामने आने की जानकारी मिली है। वहीं, कोल यार्ड-2 में नए कोयले के स्टॉक के साथ पहले आग से प्रभावित पुराने कोयले को मिलाए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच आवश्यक है।
इस घटनाक्रम के बाद कंपनी की संपत्ति की सुरक्षा, कोयले के स्टॉक के रखरखाव और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी या स्टॉक प्रबंधन में किसी प्रकार की लापरवाही हुई है, तो इससे सरकारी कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। अब यह जाँचना आवश्यक है कि कोल यार्ड-1 में पिछले तीन महीनों के दौरान आग लगने की कितनी घटनाएँ दर्ज हुईं, उनके कारणों की जाँच की गई या नहीं, तथा कोल यार्ड-2 में पुराने आग से प्रभावित कोयले को नए स्टॉक में मिलाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है। संबंधित स्टॉक रजिस्टर, गुणवत्ता रिपोर्ट, निरीक्षण रिकॉर्ड और सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों की जाँच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। इस मामले में एक अन्य गंभीर आरोप यह है कि कोल यार्ड-2 में नए स्टॉक के साथ पुराने आग से प्रभावित कोयले को भी डाला जा रहा था, जिसके बाद वहाँ भी आग लगने की जानकारी सामने आई। इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी आवश्यक है।

खासकर जाँच एजेंसी को यह पता लगाना चाहिए कि पुराने प्रभावित कोयले को नए कोल स्टॉक यार्ड पर क्यू रखा गया, क्या उसकी गुणवत्ता की जाँच की गई और क्या उसे नए स्टॉक में मिलाने की अनुमति थी। स्टॉक रजिस्टर, वजन पर्चियों, गुणवत्ता रिपोर्ट और संबंधित अधिकारियों के निर्देशों की जाँच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है। यदि कोल यार्ड-1 में पिछले तीन महीनों के दौरान कई बार आग लगी है, तो प्रत्येक घटना की तारीख, कारण, नुकसान और उस समय अपनाए गए सुरक्षा उपायों की जाँच की जानी चाहिए। यह भी पता लगाया जाए कि पिछली घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए गए और क्या संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक कदम उठाए थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोल यार्ड-2 में पुराने आग से प्रभावित कोयले को नए स्टॉक में डालने की आशंका जताई जा रही है। यदि ऐसा हुआ है, तो पुराने और नए कोयले की मात्रा, गुणवत्ता तथा स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान आवश्यक है। जाँच में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि क्या पुराने प्रभावित कोयले को नियमानुसार अलग रखा गया था, उसकी गुणवत्ता का परीक्षण हुआ था और स्टॉक रिकॉर्ड में उसकी स्थिति सही दर्ज की गई थी। कथित स्थल पर लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन कोयले का स्टॉक होने की बात कही जा रही है तथा करीब 1 लाख मीट्रिक टन कोयला प्रभावित होने का अनुमान जताया जा रहा है। कंपनी को हुए नुकसान का आकलन भी स्वतंत्र तकनीकी जाँच के माध्यम से कराया जाए।
संबंधित कोल यार्ड प्रबंधन अदासा मैनेजर तथा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की निष्पक्ष जाँच की जाए। यह पता लगाया जाए कि सुरक्षा व्यवस्था, स्टॉक की निगरानी और आग से निपटने की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि जाँच में किसी की लापरवाही, रिकॉर्ड में अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो नियमानुसार विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
जनता ने की निष्पक्ष जाँच की माँग – कोल यार्ड-1 और कोल यार्ड-2 से संबंधित सभी घटनाओं एवं स्टॉक रिकॉर्ड की स्वतंत्र और तकनीकी जाँच कराई जाए। आग लगने के कारण, पुराने एवं नए कोयले की स्थिति, वास्तविक आर्थिक नुकसान और अधिकारियों की जिम्मेदारी तथ्यों के आधार पर तय की जाए। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इन सवालों का जवाब निष्पक्ष जाँच से ही सामने आएगा।
सावनेर में चर्चा तेज़: कोयले में आग और मिश्रण की घटनाएं महज़ इत्तेफ़ाक या कोई बड़ा खेल?
इनसाइडर न्यूज़ टुडे ने इससे पहले भी कोयला आपूर्ति, गुणवत्ता और ग्रेड में संभावित अंतर को लेकर सवाल उठाए थे। अब आग की घटनाओं और पुराने जले हुए कोयले के कथित मिश्रण को लेकर यह जानना जरूरी हो गया है कि स्टॉक का प्रबंधन किस प्रकार किया गया और सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं। या फिर इसके पीछे कोई और साजिश तो नहीं, जिसकी चर्चा ज़ोर पकड़ रही है? सावनेर में जनता के बीच यह चर्चा चल रही है कि क्या यह सब अपनी गलतियों या सबूतो को मिटाने का जरिया है?








