– दो माह चलेगा सर्वे, मच्छरों के लार्वा की करेगी तलाश, लोगों को करेंगे जागरूक
नागपुर :- मानसून के दौरान डेंगू, चिकनगुनिया समेत मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नागपुर महानगरपालिका ने शहर में घर-घर जाकर मच्छरों के लार्वा की जांच कराने की तैयारी की है। इसके लिए 1,112 आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह प्रस्ताव 11 अगस्त को स्थायी समिति के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
प्रस्ताव के अनुसार, अगस्त और सितंबर में आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से शहरव्यापी सर्वे कराया जाएगा। इस पर करीब 33.36 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रत्येक आशा कार्यकर्ता को दो माह के लिए 1,500 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। शहर का बढ़ता दायरा, स्वास्थ्य विभाग में मैदानी कर्मचारियों की कमी और नागरिकों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। मानसून में मच्छरों के प्रजनन स्थलों की संख्या बढ़ने से डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा भी बढ़ जाता है।
रोजाना 50 से 75 घरों का सर्वे
योजना के तहत प्रत्येक आशा कार्यकर्ता महीने में करीब 500 घरों का सर्वे करेगी। प्रतिदिन 50 से 75 घरों में जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच की जाएगी। साथ ही नागरिकों को घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
आशा कार्यकर्ताओं के काम की रोजाना स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों और निरीक्षकों द्वारा निगरानी की जाएगी। मनपा मानसून के दौरान पहले भी आशा कार्यकर्ताओं की मदद से लार्वा सर्वे करा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, घर-घर पहुंच के कारण मच्छरों के प्रजनन स्थलों की समय रहते पहचान करने और उन्हें नष्ट करने में मदद मिलती है।








