spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

एनालॉग पनीर पर महाराष्ट्र में एक वर्ष के लिए प्रतिबंध

नागपुर :- मिलावट, उपभोक्ताओं को धोखा और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने पूरे राज्य में एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध पनीर के निर्माण, प्रसंस्करण, तैयारी, पैकिंग, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक वर्ष के लिए रोक लगा दी है।

खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा जारी यह आदेश खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2) (ए) के अंतर्गत पारित किया गया है। यह आदेश 30 जुलाई को राजपत्र में प्रकाशित होते ही प्रभावी हो गया। इसके तहत थोक एवं खुदरा बिक्री के साथ-साथ कहीं भी एनालॉग पनीर को बिक्री के लिए प्रस्तुत करना या प्रदर्शित करना भी वर्जित रहेगा। एनालॉग या गैर-दुग्ध पनीर से आशय ऐसे उत्पादों से है जो पनीर जैसे दिखते हैं, परंतु जिनमें दूध की वसा या दूध के ठोस पदार्थों को पूरी तरह या आंशिक रूप से वनस्पति तेल, वनस्पति वसा या अन्य गैर-दुग्ध घटकों से बदल दिया जाता है।

यह कार्रवाई 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक चलाए गए राज्यव्यापी निगरानी अभियान के बाद की गई है। इस दौरान जांचे गए पनीर और डेयरी एनालॉग के 308 नमूनों में से 109 नमूने यानी 35.4 प्रतिशत मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 79 नमूने घटिया गुणवत्ता के और 30 नमूने असुरक्षित पाए गए। प्रयोगशाला जांच में बड़ी संख्या में नमूनों में वनस्पति या अन्य गैर-दुग्ध वसा मिलाने की पुष्टि हुई। केंद्रीय सलाहकार समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया यह निर्णय इस कारण भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एनालॉग पनीर निर्धारित गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं करता। इससे जमीनी स्तर पर प्रवर्तन कठिन हो जाता है और जानबूझकर मिलावट को बढ़ावा मिलता है। समिति ने यह भी कहा कि ऐसे उत्पाद वास्तविक पनीर के पोषक लाभ नहीं देते, विशेषकर उन शाकाहारियों के लिए जो प्रोटीन के स्रोत के रूप में पनीर पर निर्भर हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि होटल, रेस्तरां, खानपान सेवाएं, ढाबे और क्लाउड किचन भी एनालॉग पनीर का उपयोग या परोसना नहीं कर सकेंगे। अक्सर ऐसे उत्पादों को बिना जानकारी दिए असली पनीर के रूप में बेचा जाता था, जिससे उपभोक्ता को सही चुनाव का अवसर नहीं मिल पाता था। साथ ही ढीला एनालॉग पनीर बिना मूल पैकिंग, अनिवार्य लेबल घोषणा, बिल और पर्याप्त ट्रेसेबिलीटी दस्तावेजों के परिवहन और बिक्री किया जाता था। यह प्रतिबंध जमे हुए मिठाइयों, प्रसंस्कृत पनीर और मिश्रित वसा वाले स्प्रेड जैसे मानकीकृत उत्पादों पर लागू नहीं होगा।

Popular Articles