Home Latest News भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन परिषद की ओर से भीमा कोरेगांव शौर्य दिन मनाया

भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन परिषद की ओर से भीमा कोरेगांव शौर्य दिन मनाया

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<p><strong>नागपूर &colon;- <&sol;strong>भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन परिषद की ओर से ऐतिहासिक भीमा कोरेगांव शौर्य दिन बड़े उत्साह और सम्मान के साथ संविधान चौक स्थित भारत रत्न&comma; महामानव डॉ&period; बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा को माल्यार्पण कर मनाया गया&vert; इस अवसर पर 1 जनवरी 1818 को भीमा कोरेगांव में पेशवाशाही के अत्याचारों के विरुद्ध में लढ़े गए युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को विनम्र अभिवादन किया गया । कार्यक्रम के दौरान परिषद के संस्थापक अध्यक्ष राजेश रंगारी के दिशा निर्देशोंनुसार राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष अरविंद ढ़ेंगरे&comma; पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शौर्य स्तंभ को याद करते&comma; डॉ&period; बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा को नमन करते हुए सामाजिक न्याय&comma; समानता&comma; और संविधान के मूल्यों पर चलने का संकल्प लिया&vert; परिषद के पदाधिकारियों ने कहा की&comma; भीमा कोरेगांव का युद्ध अन्याय और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष का प्रतीक है&comma; जिसने शोषित -वंचित समाज को आत्मसम्मान और हक़ की लढाई की प्रेरणा दी &vert;<img class&equals;"alignnone wp-image-26853 size-full" src&equals;"https&colon;&sol;&sol;insidernewstoday&period;in&sol;wp-content&sol;uploads&sol;2026&sol;01&sol;1004245741&lowbar;1&lowbar;copy&lowbar;800x602&period;webp" alt&equals;"" width&equals;"800" height&equals;"602" &sol;><&sol;p>&NewLine;<p>भारतीय भ्रष्टाचार निर्मूलन परिषद ने इस अवसर पर ये भी स्पष्ट किया कि जिस प्रकार हमारे पुर्वजों ने अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया&comma; उसी प्रकार आज के समय में भ्रष्टाचार&comma; अन्याय&comma; और अनियमितताओं के विरुद्ध संघर्ष करना प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है । कार्यक्रम के अंत में सामाजिक समरसता&comma; भाईचारा और संविधान की रक्षा हेतु सभी को एकजुट होकर कार्य करने की अपील की गई । इस अवसर पर परिषद के शहर अध्यक्ष पुरोहित कांबले&comma; प्रदर्शिला घाटे&comma; अनिकेत रंगारी&comma; संजय पाटिल&comma; सुशांत मून&comma; राजेश यादव&comma; नामदेव शंभरकर&comma; किशोर चीवंडे&comma; विजय शेंडे&comma; भीमराव सहारे&comma; बंडू मड़के&comma; मनोज जेरेल&comma; शैलेंद्र मेश्राम&comma; बारई &comma; आदि पदाधिकारी&comma; सदस्य&comma;और बड़ी संख्या में नागरिकउपस्थित थे ।<&sol;p>&NewLine;

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