– धान पर बोनस, एक रुपये में फसल बीमा और सिंचाई के लिए निर्बाध बिजली की मांग
नागपुर/रामटेक :- किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से रामटेक उप विभागीय अधिकारी कार्यालय पर मोर्चा निकाला गया। पूर्व मंत्री सुनील केदार, सांसद श्यामकुमार बर्वे, पूर्व मंत्री राजेंद्र मुलक, पूर्व सभापति अवंतिका लेकुरवाडे, तुमसर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक चरण वाघमारे, अश्विन बैस, रमेश करामोरे और देवेंद्र गोडबोले के नेतृत्व में निकाले गए इस मोर्चे में बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।
मोर्चे के माध्यम से सरकार से धान उत्पादक किसानों को बोनस देने, सोलर पंप के बजाय नियमित बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराने तथा खाद, कीटनाशक, सल्फेट, डीएपी और यूरिया की जबरन लिंकिंग बंद कर इनके बढ़े हुए दाम कम करने की मांग की गई। किसानों ने एक रुपये में मिलने वाली फसल बीमा योजना को पूर्ववत लागू करने और सिंचाई के लिए 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई। किसानों ने जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष को टालने के लिए ठोस योजना बनाने की मांग की। इसके अलावा पेंच बांध से सिंचाई के लिए तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग भी मोर्चे में प्रमुखता से रखी गई।
कर्जमाफी में किसानों को राहत देने की मांग
मोर्चे के दौरान किसानों ने कर्जमाफी योजना में मौजूद विसंगतियों का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई किसान कर्जमाफी के लाभ से वंचित रह गए हैं। वहीं, कुछ किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने के बजाय बैंकों की ओर से वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के माध्यम से अधिक से अधिक वसूली की जा रही है, जिससे किसान असमंजस में हैं।
उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जाएं और प्रशासनिक स्तर पर ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे पात्र कोई भी किसान कर्जमाफी के लाभ से वंचित न रहे।
तीसरे आउटर रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध
मोर्चे में पारशिवनी तहसील के किसानों की जमीन से संबंधित मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नागपुर शहर के विकास के लिए प्रस्तावित तीसरे आउटर रिंग रोड के लिए पारशिवनी तहसील के किसानों की उपजाऊ जमीन अधिग्रहित की जा रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि जमीन का मूल्य रेडी रेकनर दर के आधार पर तय किया जा रहा है, जबकि अधिग्रहण के समय उन्हें बाजार मूल्य के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।
मोर्चे को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सरकार से तत्काल ठोस निर्णय लेने की मांग की। मोर्चे में बड़ी संख्या में किसान, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





