– 159 खाताधारकों पर केस… बैंक को करोड़ों का चूना
नागपुर :- निजी क्षेत्र के नामी बैंक को करोड़ों रुपए से चूना लगाए जाने का मामला उजागर हुआ है। 159 खाताधारकों ने बैंक के विविध शाखाओं में फर्जी दस्तावेजों की मदद से सोना गिरवी रखा था। इस घपले में बैंक को 23.19 करोड़ का चूना लगा है। धंतोली थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच-पड़ताल अपराध शाखा के आर्थिक विभाग को सौंपी गई है। इससे गिरोह सक्रिय होने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
घटना जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 के दरमियान हुई है। आईसीआईसीआई की शहर में स्थित विविध नौ शाखाओं में बैंक के खाताधारक सचिन रौत, बैंक के वैल्यूवर नंदु खरवडे, प्रथम ऑडिटर राजेंद्र शिलनकर सहित 152 खाताधारकों ने गोल्ड लोन के तहत बैंक में सोना गिरवी रखा था। कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेजों का भी सहारा लिया था। सोना गिरवी रखने के बाद उन खाताधारकों को संबंधित शाखाओं से 23 करोड़ 19 लाख रुपए के कर्ज की रकम वितरीत की गई। बैंक के क्षेत्रिय प्रबंधक धनंजय थिटे (49) ने दर्ज शिकायत में बताया है कि मनीष नगर स्थित बैंक की शाखा में गिरवी सोने के बारे में ऑडिट किया। ऑडिट रिपोर्ट में नकली सोना और नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए से बैंक के साथ धोखाधड़ी होने का खुलासा हो गया। इसके बाद बैंक की अन्य शाखाओं का भी ऑडिट किया गया, तो चौकाने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया। संबंधित थाने में इसकी शिकायत की गई। बरामद दस्तावेजों और सोने की विशेषज्ञों द्वारा पड़ताल की गई। प्रकरण की पुष्टि होने से मंगलवार को धंतोली थाने में संबंधित आरोपी खाताधारकों के खिलाफ विविध धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामला करोड़ों रुपए से जुड़ा होने के कारण अपराध शाखा के आर्थिक विभाग को इसकी पड़ताल सौंपी गई है।
मिलीभगत से साजिश को अंजाम देने की आशंका
करोड़ों रुपए के इस घोटाले में बैंक के कुछ लोगों की लिप्तता उजागर हुई है। इससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि बैंक के लोगों की मिलीभगत से इस घोटाले को अंजाम दिया है। फर्जी ग्राहक बनाकर नकली सोना और नकली दस्तावेज तैयार करने की भी आशंका है। इससे गिरोह की लिप्तता की आशंका गहरा रही है। नियमों को ताक पर रखकर बांटा कर्ज : नियमों को ताक पर रखकर कर्ज बांटा गया है, जिससे कई लोग बेनकाब होने व चौकाने वाले खुलासे होने की संभावना है।








