spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

खोदी सड़क बुझाना भूल गये तो…

– गडकरी के सख्त निर्देश: अफसर होंगे निलंबित और ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

नागपुर :- अमृत योजना के तहत शहर में सड़कें खोदने के बाद उन्हें पूर्ववत नहीं करने से नागरिकों को हो रही परेशानी को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क खोदने के बाद उसे निर्धारित मानकों के अनुसार पूर्ववत नहीं करने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए।

नाग नदी परियोजना के प्रस्तावित कार्यों और नाग नदी किनारे अतिक्रमण हटाए जाने के बाद किए जाने वाले पुनर्वास को लेकर रविवार, 9 अगस्त 2026 को महल स्थित गडकरी के कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाराष्ट्र के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, महापौर नीता ठाकरे, उप महापौर लीला हाथीबेड, विधायक कृष्णा खोपड़े, मोहन मते,संजय भेंडे, मनपा के सत्ता पक्ष नेता बाल्या बोरकर, स्थायी समिति अध्यक्ष शिवानी दाणी-वखरे, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन, जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, नासुप्र सभापति संजय मीणा और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

आधुनिक तकनीक से हो सड़क खुदाई और मरम्मत :

नाग नदी परियोजना के तहत सीवरेज ट्रीटमेंट और मलवाहिनी बिछाने का काम किया जाएगा। परियोजना को पांच चरणों में पूरा किया जाना है। इसके तहत तीन नए एसटीपी का निर्माण और दो पुराने एसटीपी का पुनर्निर्माण किया जाएगा। पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण, मध्य और पूर्व विधानसभा क्षेत्रों में परियोजना के विभिन्न कार्यों के लिए सड़कों की खुदाई भी करनी होगी। गडकरी ने निर्देश दिया कि सड़क की खुदाई और उसे दोबारा पूर्ववत करने के लिए आधुनिक एवं अत्याधुनिक मशीनरी का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि अमृत योजना और अन्य परियोजनाओं के कार्यों के दौरान संबंधित विभागों ने बेहतर तकनीक का उपयोग क्यों नहीं किया। बैठक में सड़कों के नीचे मौजूद विभिन्न यूटिलिटी की मैपिंग का मुद्दा भी उठाया गया। गडकरी ने कहा कि किसी सड़क की खुदाई से पहले यह जानकारी होना जरूरी है कि उसके नीचे पानी की पाइप लाइन, केबल या अन्य उपयोगिताएं मौजूद हैं या नहीं। उन्होंने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सड़कों के नीचे विभिन्न पाइप लाइनों के लिए कॉमन डक्ट बनाने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इस व्यवस्था की योजना अगले 100 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।

नाग नदी किनारे रहने वालों का होगा पुनर्वास

नाग नदी के किनारे से 15 मीटर के दायरे में स्थित अनधिकृत बस्तियों और झोपड़पट्टियों का अतिक्रमण हटाया जाएगा। मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने बैठक में बताया कि वर्तमान स्थिति में प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए करीब 2,500 मकानों की आवश्यकता होगी। इस पर गडकरी ने मनपा और नागपुर सुधार प्रन्यास (नासुप्र) की खाली जमीनों का सर्वेक्षण कर करीब 5,000 मकानों की व्यवस्था किए जाने की संभावना के आधार पर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में गडकरी ने नाग नदी के प्रदूषित पानी से नागपुर जिले के कुछ तहसीलों के साथ ही भंडारा जिले के कुछ क्षेत्रों पर पड़ रहे प्रभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नदी के प्रदूषण के कारण नागरिकों के स्वास्थ्य और कृषि पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने मनपा आयुक्त डॉ. विपिन और जिलाधिकारी को प्रदूषण रोकने तथा नागरिकों और किसानों को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक उपाय तत्काल करने के निर्देश दिए।

Popular Articles