– नागपुर से अभिजीत दिपके की चेतावनी
नागपुर :- कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तानाशाही के तरीके से सरकार चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तानाशाही को खत्म करने के लिए लोगों को सड़क पर उतरना होगा। उन्होंने कहा कि उन्हें सौ बार जेल में डाल दिया जाए, लेकिन महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहब आंबेडकर के विचारों पर चलते हुए अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। वे नागपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद रविवार सुबह जमानत मिलने पर दिपके नागपुर होते हुए छत्रपति संभाजीनगर के लिए रवाना हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से रातभर हिरासत में रखा। इस दौरान परिवार के सदस्यों और वकीलों से संपर्क कराने की बार-बार मांग करने के बावजूद उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
दिपके के अनुसार, दोपहर से ही वे दिल्ली पुलिस से अपने गांव में रहने वाले भाई से बात कराने का अनुरोध कर रहे थे, लेकिन उन्हें फोन नहीं दिया गया। वकीलों से बात करने की अनुमति भी नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि तड़के 3.30 बजे उन्हें अपने माता-पिता को फोन कर गिरफ्तारी की जानकारी देने के लिए कहा गया।
क्या हम आतंकवादी थे?
दिपके ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए दिल्ली की सड़कों, मेट्रो और रेल सेवाओं को बंद कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि विमान से उतरते ही उन्हें हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने सवाल उठाया, ‘’क्या हम आतंकवादी थे?’
उन्होंने कहा कि यदि देश को तानाशाही से नहीं बचाया गया, तो देश को बेचकर खा लिया जाएगा। आंदोलन के दौरान छोटे बच्चों और लड़कियों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दिपके ने दावा किया कि संबंधित मामले में आरोपित पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति दी गई है। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि यदि देश में गुंडों का राज होगा, तो पदोन्नति भी गुंडों को ही मिलेगी।








