– 7,500 घटों की ज्योत प्रज्वलित, पालक मंत्री बावनकुले ने की पूजा-अर्चना
नागपुर/कोराडी :- विदर्भ के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र कोराडी स्थित श्री महालक्ष्मी जगदंबा माता मंदिर में रविवार को शारदीय नवरात्रोत्सव का भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। उत्सव के पहले ही दिन तड़के 4 बजे से माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ के जयघोष से गूंज उठा। नवरात्रोत्सव के शुभारंभ पर विधिवत पूजा-अर्चना की गई और 7,500 घटों की दीपज्योतियां प्रज्वलित की गईं।
नवरात्र के पहले दिन नागपुर सहित विदर्भ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए कोराडी पहुंचे। सुबह से ही दर्शन के लिए कतारें लग गई थीं। दिनभर श्रद्धालुओं ने माता के स्वयंभू स्वरूप और पूर्ण शृंगार में सजे देवी के रूप के दर्शन किए। मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा।

पालक मंत्री बावनकुले ने की पूजा-अर्चना
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री तथा नागपुर और अमरावती जिले के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मंदिर पहुंचकर श्री महालक्ष्मी जगदंबा माता के दर्शन किए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और उनके हाथों ज्योत प्रज्वलित की गई। इस अवसर पर उन्होंने सभी के सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की।
बावनकुले ने प्रार्थना की कि प्रत्येक परिवार में सुख, संतोष और उत्तम स्वास्थ्य बना रहे। किसानों, श्रमिकों, महिलाओं, युवाओं और समाज के सभी वर्गों को प्रगति के नए अवसर मिलें तथा माता के आशीर्वाद से सभी को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त हो। इस अवसर पर उनकी पत्नी ज्योती बावनकुले और उनके पुत्र संकेत बावनकुले भी उपस्थित थे।
नवरात्रोत्सव के प्रारंभ पर मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारा कायम रहने के साथ सभी के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की गई। नवरात्रोत्सव के दौरान मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर के पिछले हिस्से में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। इससे दूर-दराज से आने वाले भक्तों को राहत मिल रही है। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष दर्शन की व्यवस्था भी की गई है। पहले दिन उमड़ी भारी भीड़ को देखते हुए दर्शन व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष नियोजन किया गया है।
नवरात्र के पहले ही दिन 7,500 घटों की दीपज्योतियों से जगमगाता मंदिर परिसर और माता के जयघोष से गूंजता वातावरण श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। बड़ी संख्या में भक्तों की उपस्थिति से कोराडी नगरी में धार्मिक उत्साह छाया रहा। माता के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।








