– आनंदनगर में शानदार रहा ‘जगावे कसे, जगावे असे’ कार्यक्रम
नागपुर :- आनंदनगर में जेष्ठ नागरिक मंडल में आयोजित ‘जगावे कसे, जगावे असे’ कार्यक्रम में बतौर प्रमुख अतिथि संगीत विशारद डॉ. संगीता बानाईत ने वरिष्ठ नागरिकों को उक्त विषय पर प्रेरणादायी संबोधन दिया। उन्होंने चिड़िया की कल्पना करते हुए विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से जीवन को उत्साह और सकारात्मकता के साथ जीने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र को लेकर तनाव में रहने के बजाय संगीत और गायन को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। डॉ. बानाईत ने आगे म्यूजिक थेरेपी के महत्व को समझाते हुए कहा कि संगीत मन को प्रसन्न रखने के साथ तनाव कम करने में भी सहायक है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से सक्रिय और आनंदमय जीवन जीने का आह्वान किया।
इसी अवसर पर प्रमुख अतिथि कला व वाणिज्य महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. राजेंद्र जाणे ने वरिष्ठ नागरिकों को आनंदपूर्वक जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कॉलेज जीवन से लेकर वास्तविक जीवन तक की विविध कल्पनाओं और अनुभवों को साझा करते हुए जीवन में तनाव कम करने के उपाय बताए। संत तुकड़ोजी महाराज और संत गाडगे महाराज की प्रेरक पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने सकारात्मक सोच और प्रसन्नचित्त जीवन का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए 95 वर्षीय श्यामसुंदर साने ने स्वयं वायलिन और हारमोनियम बजाकर तथा अपने गीत गायन से उपस्थितों का मन मोह लिया। उन्होंने विभिन्न पशु पक्षियों की आवाज निकालकर भी सभी को चकित कर दिया। संगीत शिक्षक अनूप तायड़े के गीतों की प्रस्तुति ने शानदार समां बांधा। इस कार्यक्रम के संकल्पनाकर संपादक/कवि सुदर्शन चक्रधर ने कुशल संचालन किया। मंडल के उपाध्यक्ष मधुकर दहीकर ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव काशीनाथ ठवरे, कोषाध्यक्ष श्रीकांत आंबटकर, प्रतिभा काले, इंदूताई दहीकर, सुनंदा जिरापुरे आदि ने प्रयास किये।
इन सदस्यों को किया गया सम्मानित
इसी कार्यक्रम में मंडल के नए बने सदस्यों व सितंबर माह में जन्मदिन वाले सभी वरिष्ठों का शाल व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया। इनमें मधुकर काले, उत्तमराव पालांदुरकर, प्रतिभा ढेंगरे, साधना राधेश्याम जायसवाल, सुनील महंत, सुभाष धपके, दिलीप जगताप, संजय घुमड़वार, प्रकाश पाठराबे, विशेष घुगुसकर, प्रवीण रंभाड़ आदि शामिल हैं।








