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शहर के 86 अस्पतालों को पुलिस का सुरक्षा कवच

– डॉक्टरों पर हमलों और वसूली की घटनाओं के बाद पुलिस की पहल

नागपुर :-  डॉक्टरों पर हमलों और अस्पतालों में कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं को रोकने के लिए नागपुर पुलिस ने नई पहल की है। शहर के जोन-2 के अंतर्गत आने वाले 86 अस्पतालों को ‘पुलिस-मेडिकल कनेक्ट डायरेक्टरी’ से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य अस्पताल प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस पहल की जिम्मेदारी जोन-2 की पुलिस उपायुक्त अन्नपूर्णा सिंह को सौंपी गई है।

हाल ही में कलर्स अस्पताल में तीन वर्षीय बच्ची की मौत के बाद भीड़ द्वारा आईसीयू में घुसकर डॉक्टरों और कर्मचारियों के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इसके अलावा पांचपावली थाना क्षेत्र के होप अस्पताल में मरीज की मौत के बाद एक डॉक्टर से पैसे मांगने का मामला भी सामने आया था। इन घटनाओं के मद्देनजर पुलिस ने अस्पतालों की सुरक्षा और आपातकालीन समन्वय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया है।

छह पुलिस थानों के अस्पताल शामिल

‘पुलिस-मेडिकल कनेक्ट डायरेक्टरी’ में सीताबर्डी, सदर, गिट्टीखदान, अंबाझरी, धंतोली और मानकापुर पुलिस थाना क्षेत्रों के 86 अस्पतालों को शामिल किया गया है। इसमें प्रत्येक अस्पताल का नाम, पता, डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के संपर्क नंबर दर्ज हैं। साथ ही संबंधित बीट अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक, सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के नाम एवं फोन नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

प्रत्येक अस्पताल के नजदीकी क्यूआर कोड प्वाइंट की भी पहचान कर उसे डायरेक्टरी में दर्ज किया गया है। बीट मार्शल नियमित रूप से इन क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे और अस्पतालों के सुरक्षा कर्मचारियों के साथ संपर्क बनाए रखेंगे।

आपात स्थिति में तुरंत मिलेगी मदद

पुलिस उपायुक्त अन्नपूर्णा सिंह के अनुसार, इस व्यवस्था से अस्पताल प्रशासन संबंधित पुलिस अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकेगा। इसके लिए फोन और एक समर्पित समूह के माध्यम से संपर्क की सुविधा उपलब्ध रहेगी। किसी भी आपात स्थिति में पुलिस की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

गंभीर चिकित्सा परिस्थितियों में डॉक्टरों को मरीजों के उपचार पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी पुलिस को पहले से सूचना दे सकेंगे, जिससे संभावित विवाद और कानून-व्यवस्था की समस्याओं को समय रहते रोकने में मदद मिलेगी। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटिल ने शनिवार को अस्पताल प्रतिनिधियों, वरिष्ठ डॉक्टरों और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्यों के साथ बैठक कर चिकित्सा पेशेवरों की सुरक्षा और पुलिस-अस्पताल समन्वय पर चर्चा की। पुलिस उपायुक्त अन्नपूर्णा सिंह ने भी कहा कि वह अधिक से अधिक अस्पतालों का दौरा कर जमीनी स्थिति का जायजा लेंगी और जरूरत के अनुसार इस व्यवस्था में सुधार करेंगी।

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