नई दिल्ली :- भारत ने एशिया कप के रोमांचक फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर नौवीं बार खिताब अपने नाम किया। 41 साल बाद दोनों टीमें फाइनल में आमने-सामने थीं। भारत की इस ऐतिहासिक जीत के बाद गाजीपुर जिले सहित पूरे देश में जश्न का माहौल है, जहां आतिशबाजी कर खुशी मनाई जा रही है। मैच में पाकिस्तान ने अच्छी शुरुआत की थी। साहिबज़ादा फर्हान और फखर ज़मान ने पहले विकेट के लिए मजबूत साझेदारी करते हुए टीम को 113/1 तक पहुंचाया। हालांकि, इसके बाद भारतीय गेंदबाजों, विशेषकर कुलदीप यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख पलट दिया और पाकिस्तान की पूरी टीम केवल 146 रन पर सिमट गई। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत खराब रही और स्कोर 20/3 हो गया था। ऐसे मुश्किल समय में युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने नाबाद 69 रन की जुझारू और संयमित पारी खेली। उनके साथ शिवम दुबे ने 33 रन का अहम योगदान दिया और चौथे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी निभाई, जिसने भारत को संकट से उबारा। इस साझेदारी ने न केवल भारत को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला बल्कि फाइनल को एकतरफा भी बना दिया। भारत ने अंततः 147 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। तिलक वर्मा को उनकी दबावपूर्ण पारी के लिए मैच विनर चुना गया।








