– वेतन का फर्क व माहवारी भत्ता नहीं मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश
– तीन दिन का अल्टीमेटम मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल तय
अमरावती :- महाराष्ट्र राज्य परिवहन (एसटी) महामंडल के कर्मचारियों को दिए गए आश्वासन पूरे न होने से एक बार फिर हड़ताल का खतरा मंडराने लगा है। मांगें मंजूर होने के बावजूद वेतन में अंतर की बकाया 43 किश्तें और माहवारी भत्ता फरवरी माह के वेतन के साथ जमा नहीं किए जाने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर यह राशि उनके खातों में जमा नहीं की गई, तो मंगलवार रात 12 बजे से राज्य भर में लालपरी के पहिए थम सकते हैं। जानकारी के अनुसार, एसटी कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि की मांग पहले ही पूरी हो चुकी है। इसके बाद पुराने और नए वेतन के अंतर की बकाया राशि वेतन के साथ जमा करने की मांग नवंबर माह में स्वीकार की गई थी। इसके तहत प्रति कर्मचारी लगभग 5 हजार रुपए की बकाया राशि पिछले दो महीनों से वेतन के साथ दी जा रही थी। साथ ही माहवारी भत्ता भी कर्मचारियों को नियमित रूप से मिल रहा था।
हालांकि शनिवार को फरवरी माह का वेतन कर्मचारियों के खातों में जमा हुआ, लेकिन उसमें वेतन का फर्क और माहवारी भत्ता शामिल नहीं था। इसे लेकर कर्मचारियों में रोष फैल गया। एसटी कर्मचारियों के संगठनों ने इसे प्रबंधन की वादा खिलाफी बताते हुए सरकार और महामंडल प्रबंधन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि जब समझौते के अनुसार सभी मांगें मान्य हो चुकी हैं, तो फिर भुगतान में देरी क्यों की जा रही है। यदि तय समय सीमा तक बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो मंगलवार की मध्यरात्रि से राज्य भर में बस सेवाएं ठप की जा सकती हैं।
क्षेत्रों के यात्रियों पर हड़ताल का सीधा असर पड़ने की आशंका
तीन दिवसीय चेतावनी की अवधि मंगलवार को समाप्त हो रही है। ऐसे में यदि अंतिम समय तक भी कर्मचारियों की मांगों पर अमल नहीं हुआ, तो आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों पर हड़ताल का सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।








