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कौशल विकास से ही संभव है देश का विकास – मंत्री मंगल प्रभात लोढा

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<p><strong>&&num;8211&semi; क्षमता वृद्धि एवं जनजागृति कार्यशाला का उद्घाटन<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>मुंबई &colon;-<&sol;strong> कौशल विकास ही देश की प्रगति की कुंजी है। यह केवल योजनाओं की रूपरेखा तक सीमित नहीं है&comma; बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय कौशल विकास की सफलता कहानियों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संवाद&comma; समन्वय और एकात्मता होना समय की आवश्यकता है। राज्य और केंद्र सरकार को &OpenCurlyQuote;टीम इंडिया’ के रूप में कार्य करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के स्वप्न को साकार करना होगा&comma; ऐसा महाराष्ट्र के कौशल&comma; रोजगार&comma; उद्यमिता और नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढा ने कहा।<&sol;p>&NewLine;<p>वे सह्याद्री अतिथि गृह में केंद्रीय कौशल विकास विभाग तथा राज्य कौशल&comma; रोजगार&comma; उद्यमिता और नवाचार विभाग द्वारा आयोजित क्षमता वृद्धि एवं जनजागृति कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।<&sol;p>&NewLine;<p>इस अवसर पर देबश्री मुखर्जी&comma; सचिव&comma; केंद्रीय कौशल विकास विभाग&semi; डॉ&period; विनीता अग्रवाल&comma; कार्यकारी सदस्य&comma; राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद &lpar;NCVET&rpar;&semi; गुंजन चौधरी&comma; संचालक&semi; मनीषा वर्मा&comma; अपर मुख्य सचिव&comma; महाराष्ट्र कौशल विकास विभाग&semi; लहुराज माळी&comma; आयुक्त&semi; माधवी सरदेशमुख&comma; निदेशक&comma; व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संचालनालय&semi; डॉ&period; अपूर्वा पालकर&comma; कुलगुरु&comma; रतन टाटा महाराष्ट्र राज्य कौशल विश्वविद्यालय तथा महाराष्ट्र&comma; गुजरात&comma; गोवा&comma; दमन-दीव और दादरा-नगर हवेली के कौशल विकास विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।<&sol;p>&NewLine;<p>मंत्री लोढा ने कहा कि समन्वय क्षमता निर्माण जितना ही महत्वपूर्ण है। केवल क्षमता बढ़ाने से काम नहीं चलेगा&comma; बल्कि उसका सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए उचित समन्वय आवश्यक है। इसके लिए हर तीन महीने पर राज्य स्तर पर और हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर सभी कौशल विकास विभागों की बैठकें अनिवार्य होनी चाहिए।<&sol;p>&NewLine;<p>उन्होंने आगे कहा कि श्रमिकों को सम्मान मिलना चाहिए। किसी भी क्षेत्र में कौशल होना एक बड़ी उपलब्धि है। इसलिए काम के प्रकार की बजाय व्यक्ति के कौशल को देखकर उसे प्रतिष्ठा मिलनी चाहिए। महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित युवा हैं और साथ ही हजारों पद कंपनियों में रिक्त हैं। लेकिन दोनों को जोड़ने वाली व्यवस्था कम है। इस अंतर को भरने के लिए उन्होंने जॉब मैचिंग ब्यूरो स्थापित करने की आवश्यकता बताई।<&sol;p>&NewLine;<p>उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सर्वप्रथम कौशल विकास मंत्रालय की स्थापना कर इस क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। यह कार्यशाला केवल एक दिवसीय न होकर पूरे देश के स्किलिंग लीडर्स का नेटवर्क बनाने का माध्यम बने&comma; ऐसी अपेक्षा भी उन्होंने व्यक्त की।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>भारत के विकास में कौशल विकास की अहम भूमिका &colon; केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>कार्यक्रम को दूरदर्शन प्रणाली के माध्यम से संबोधित करते हुए केंद्रीय कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि भारत के विकास में कौशल विकास की अहम भूमिका है। भारत को वैश्विक स्तर पर आगे ले जाने के लिए कुशल मानव संसाधन की अत्यंत आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय कौशल विकास विभाग कई योजनाएं प्राथमिकता से लागू कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से नई और नवाचारी संकल्पनाएँ सामने आएंगी।<&sol;p>&NewLine;<p>केंद्रीय कौशल विकास विभाग की सचिव देबश्री मुखर्जी ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ&period; विनीता अग्रवाल&comma; कार्यकारी सदस्य&comma; NCVET तथा मनीषा वर्मा&comma; अपर मुख्य सचिव&comma; महाराष्ट्र कौशल विकास विभाग ने भी अपने विचार व्यक्त किए।<&sol;p>&NewLine;<p>पहले सत्र में कौशल संबंधी नवाचारी उपक्रमों का प्रस्तुतिकरण किया गया। महाराष्ट्र&comma; गुजरात&comma; गोवा आदि राज्यों ने अपनी सफलता कहानियों का सादरीकरण किया। डॉ&period; विनीता अग्रवाल तथा डॉ&period; नीना पाहूजा &lpar;NCVET&rpar; ने भी प्रस्तुतिकरण किया।<&sol;p>&NewLine;

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