– वादा टूटा, गुस्सा फूटा: घाटरोहना में नौकरी को लेकर पुलिस–ग्रामीण आमने-सामने
– आंदोलन से पहले सरपंच हिरासत में, फिर बवाल : कन्वेयर बेल्ट प्रोजेक्ट पर तनाव
कन्हान/कामठी :- पारशिवनी तहसील के घाटरोहना ग्राम पंचायत के तहत महाजेनको कन्वेयर बेल्ट प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों को रोजगार देने के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घाटरोहना के सरपंच किशोर मेहुने, उपसरपंच अशोक पाटील सहित सैकड़ों महिला व पुरुष प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव की स्थिति निर्माण हो गई।
महाजेनको कन्वेयर बेल्ट प्रोजेक्ट में स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग को लेकर सरपंच मेहुने के नेतृत्व में 24 से 26 सितंबर तक आंदोलन किया गया था। इस पर मुख्य अभियंता कुमारवार, कनिष्ठ अभियंता राठोड़ ने 26 सितंबर को पारशिवनी के तहसीलवार, कन्हान पुलिस निरीक्षक वैजयंती मंडवधरे की मौजूदगी से कंपनी परिसर में प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक ली थी, जिसमें चर्चा के बाद प्रोजेक्ट फेज में 8 युवाओं को कॉन्ट्रैक्टर के साथ तुरंत नौकरी देने और बाकी 8 युवाओं को एक महीने बाद जगह की उपलब्धता होने पर लेने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके नौकरी नहीं दी गई। अधिारी टालमटोल जवाब दे रहे थे। प्रशासन पर अपने ही निर्णयों का उत्संधन कर बाहरी लोगों को रोजगार देने का लोगों ने आरोप लगाया है।
इसी मामले पर 24 दिसंबर को सरपंच के नेतृत्व में सैकड़ों नागरिक महाजनको कन्वेयर बेल्ट परियोजना के सामने प्रदर्शन करने वाले थे, लेकिन आंदोलन से पहले ही पुलिस ने सरपंच को उनके घर से हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी मिलते ही प्रदर्शनकारियों ने विरोध शुरू कर दिया। उसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस ने उपसरपंच पाटील, सदस्य तेजराम सरिले, सिद्धार्थ पाटील, सुनील पाटील, अमित छनीकर, आशा लोखंडे, सुनीता टाडेकर, केशर बेहुने, ज्योति भटोड़े, दुर्गा पाटील सैकड़ों को हिरासत में लिया है। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया था। अपनी मांगों को लेकर घाटरोहन के ग्रामीणों द्वारा आंदोलन किया गया। पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन लाठीचार्ज नहीं किया गया।








