– मांगी 2 लाख की फिरौती, जान से मारने की दी धमकी
नागपुर :- महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (एमसीओसीए) के एक आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर जरीपटका स्थित कार्यालय में एक हाईकोर्ट वकील के साथ कथित तौर पर मारपीट की और उनसे 2 लाख रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। मामले में पुलिस ने एमसीओसीए आरोपी रोशन शेख को गिरफ्तार कर शुक्रवार को नागपुर सेंट्रल जेल भेज दिया। उसका साथी निलेश गाडेकर अभी फरार है।
जरीपटका के महात्मा गांधी स्कूल के पास कार्यालय चलाने वाले वकील जसवंत खुबनानी की शिकायत के अनुसार, 29 जुलाई को वह अपने मित्र फैजान फारूक शेख (33) के साथ कार्यालय में बैठे थे। इसी दौरान रोशन शेख और निलेश गाडेकर कथित तौर पर कार्यालय में घुस आए। आरोप है कि दोनों ने वकील के साथ मारपीट की। गाडेकर पर खुबनानी को पीटने का आरोप है। जरीपटका पुलिस ने रोशन शेख और निलेश गाडेकर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जबरन वसूली, आपराधिक अतिक्रमण और मारपीट समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है। प्रकरण में एमसीओसीए की धाराएं भी लगाई गई हैं। गाडेकर पहले भी रोशन के साथ एक हत्या के मामले में सह-आरोपी रह चुका है।
पुराने विवाद को लेकर धमकाने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, खुबनानी के मित्र निकिता रंगारी (30) का पहले रोशन के साथ संबंध था। रोशन द्वारा शादी से इनकार करने के बाद निकिता ने पिछले वर्ष फरवरी में सदर थाने में उसके खिलाफ शारीरिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद रोशन पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ और उसे कुछ समय के लिए जेल भी जाना पड़ा। जमानत पर बाहर आने के बाद रोशन ने कथित तौर पर 8 और 15 जुलाई को खुबनानी के साथ गाली-गलौज, धमकी और मारपीट की। उस समय आरोपी के परिवार ने माफी भी मांगी थी, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई को रोशन ने कथित तौर पर खुबनानी को गालियां देते हुए पुराने मामले के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।
इसके बाद उसने 2 लाख रुपये की मांग की और रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी। बाद में रोशन ने व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए भी वकील को धमकाया और दोबारा 2 लाख रुपये की मांग की। उसने मिलने की जगह बताने को कहा और फिर कॉल काट दी। जरीपटका थाने के वरिष्ठ निरीक्षक अनिल ताकशांडे ने बताया कि मामले की जांच जारी है। पुलिस गाडेकर की तलाश कर रही है और पूर्व में दी गई धमकियों समेत पूरे घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।





