– इस मंदिर में दर्शन मात्र से मिटते हैं भाक्तों के पाप
नई दिल्ली :- झारखंड के रामगढ़ जिले में भगवान शिव का एक प्राचीन मंदिर अपनी अनोखी मान्यताओं और रहस्यमयी प्राकृतिक जलधारा के कारण श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है। मंदिर की सबसे खास बात यह बताई जाती है कि यहां शिवलिंग का सालभर लगातार जलाभिषेक होता रहता है। इसके लिए किसी श्रद्धालु को जल चढ़ाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि मंदिर में मौजूद एक प्राकृतिक जलधारा लगातार शिवलिंग पर गिरती रहती है।
1925 में खुदाई के दौरान सामने आया मंदिर :
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का इतिहास वर्ष 1925 से जुड़ा हुआ है। उस समय ब्रिटिश शासन के दौरान क्षेत्र में पानी की तलाश में खुदाई का काम किया जा रहा था। इसी दौरान जमीन के नीचे एक गुंबदनुमा संरचना दिखाई दी। खुदाई आगे बढ़ने पर जमीन में दबा हुआ एक प्राचीन मंदिर सामने आया। बताया जाता है कि मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित था। शिवलिंग के ठीक ऊपर मां गंगा की सफेद रंग की प्रतिमा मिली। मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार, इस प्रतिमा की नाभि से जल की धारा निकलती है, जो प्रतिमा की हथेलियों से होकर नीचे स्थित शिवलिंग पर गिरती रहती है।
मां गंगा की प्रतिमा से निकलती है जलधारा:
श्रद्धालुओं के बीच प्रचलित मान्यता के अनुसार, मां गंगा की प्रतिमा से निकलने वाली जलधारा लगातार शिवलिंग का अभिषेक करती है। खास बात यह है कि जलधारा का प्रवाह लंबे समय से लगातार जारी रहने की बात कही जाती है। इस जल का वास्तविक स्रोत क्या है और जमीन के भीतर इसका संबंध किस प्राकृतिक जलस्रोत से है, यह सवाल आज भी लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। मंदिर से जुड़े लोगों के अनुसार, जलधारा के स्रोत को लेकर जांच भी की गई, लेकिन इसके पीछे की प्राकृतिक प्रक्रिया को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जल को प्रसाद मानते हैं श्रद्धालु
मंदिर से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं भी इसे खास बनाती हैं। श्रद्धालु शिवलिंग पर गिरने वाले जल को पवित्र मानते हैं और इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव से मांगी गई मनोकामना पूरी होती है। इसी आस्था के चलते दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक जलधारा, मां गंगा की प्रतिमा और परिसर में लगातार पानी देने वाले हैंडपंप इस मंदिर को अन्य शिव मंदिरों से अलग पहचान देते हैं।
आस्था और रहस्य का अनोखा संगम
मंदिर से जुड़ी कथाएं और प्राकृतिक जलधारा श्रद्धालुओं के लिए आस्था का विषय हैं, जबकि जल के निरंतर प्रवाह का प्राकृतिक कारण अभी भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यही आस्था और रहस्य का मेल इस प्राचीन शिव मंदिर को विशेष बनाता है और इसे देखने के लिए लोगों को आकर्षित करता है।





