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बाप्पा’ की विदाई के लिए मनपा की तैयारियां पूरी

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– 447 कृत्रिम कुंडों में होगा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, 18 निर्माल्य रथ और 1,000 सफाईकर्मी

नागपुर :- अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के पर्यावरणपूरक विसर्जन के लिए नागपुर महानगरपालिका ने व्यापक तैयारियां की हैं। शहर में जलस्रोतों के प्रदूषण को रोकने के लिए 225 स्थानों पर कुल 447 कृत्रिम विसर्जन कुंड तैयार किए गए हैं। महापौर नीता ठाकरे ने बुधवार को विभिन्न विसर्जन स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं के निर्देश दिए।

इस दौरान उपमहापौर लीला हाथीबेड, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र बोरकर, विपक्ष के नेता संजय महाकालकर, मनपा आयुक्त डॉ. विपिन, अतिरिक्त आयुक्त अंकित, वैद्यकीय स्वास्थ्य विशेष समिति सभापति मनीषा अतकरे सहित अधिकारी और पदाधिकारी उपस्थित थे। महापौर ने विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा रक्षक और तैराकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुक्त डॉ.विपिन ने उपद्रव शोध दल के जवानों और पुलिस अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए।

बड़े विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था

बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए गोरेवाड़ा, पुलिस लाइन टाकली, कच्छी विसा मैदान और कोराडी में विशेष व्यवस्था की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए शहर में 22 मोबाइल विसर्जन कुंड भी उपलब्ध रहेंगे। नागरिकों को नजदीकी कृत्रिम विसर्जन स्थल की जानकारी आसानी से मिल सके, इसके लिए मनपा ने विशेष वेबसाइट और क्यूआर कोड उपलब्ध कराया है। क्यूआर कोड स्कैन करने पर क्षेत्रवार विसर्जन स्थलों की जानकारी के साथ गूगल मैप के जरिए मार्गदर्शन भी मिलेगा।

18 निर्माल्य रथों से होगा संकलन

गणेश विसर्जन के बाद निकलने वाले निर्माल्य का वैज्ञानिक पद्धति से निपटारा कर उससे जैविक खाद तैयार की जाएगी। इसके लिए मनपा के सभी 10 जोन में 18 निर्माल्य रथ तैनात किए गए हैं। संकलित निर्माल्य को भांडेवाड़ी स्थित परियोजना में ले जाकर खाद तैयार की जाएगी। निर्माल्य रथ से संबंधित जानकारी के लिए मनपा ने 1800 2677 966 टोल-फ्री नंबर जारी किया है।

इससे पहले नौवें दिन के गणेश विसर्जन के दौरान 49 स्थानों पर बनाए गए 137 कृत्रिम तालाबों में 2,286 प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया, जिनमें 2,124 मिट्टी और 162 पीओपी की प्रतिमाएं थीं। विसर्जन के दौरान शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी 10 जोन में करीब 1,000 सफाईकर्मी तैनात किए गए हैं। मनपा ने नागरिकों से पर्यावरणपूरक विसर्जन में सहयोग करने और शहर को स्वच्छ बनाए रखने की अपील की है।

ट्रक से 25 किलो गांजा बरामद, दो गिरफ्तार

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– पालांदूर में एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई

नागपुर :- मादक पदार्थ विरोधी टास्क फोर्स (एएनटीएफ) नागपुर ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भंडारा जिले के पालांदूर में एक आयशर मालवाहक वाहन से 25 किलो 430 ग्राम गांजा बरामद किया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 12 लाख 71 हजार 500 रुपये है, जबकि वाहन सहित कुल जब्त मुद्देमाल की कीमत 32 लाख 96 हजार 700 रुपये बताई गई है। मामले में नागपुर निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

एएनटीएफ नागपुर को गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा से भंडारा के रास्ते नागपुर गांजे की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर टीम ने दो सरकारी पंचों की मौजूदगी में पालांदूर, तहसील लाखनी, जिला भंडारा में संदिग्ध आयशर वाहन को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 25.430 किलो गांजा बरामद हुआ। इस मामले में महाकाली नगर, झिंगाबाई टाकली, मानकापुर, नागपुर निवासी गुलाम वाजिद गुलाम वजीर और वाहन चालक कपिल नगर, नागपुर निवासी शेख शहाबाज शेख सरवर को गिरफ्तार किया गया है। दोनों के खिलाफ पालांदूर पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(क), 20(ब)(2)(क) और 29 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

एएनटीएफ आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि गांजा ओडिशा में कहां से लाया गया था और नागपुर में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी। कार्रवाई पीआई नंदकुमार केंजले, एपीआई अमोल कोलेकर, पीएसआई शिवाजी टिपूरणे, पीउसआई विजय कडू, हेड कॉन्स्टेबल प्रशांत सलाम, गया प्रसाद वर्मा, अंकुश गजभिए, नितिन सावजी और विवेक हिरुडकर की टीम ने की। मामले की आगे की जांच एएनटीएफ नागपुर कर रही है।

70 साल के प्रेमी का कत्ल, 65 वर्षीय प्रेमिका गिरफ्तार

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– DNA ने खोला राज,हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने की कोशिश

सोलापुर :- सोलापुर के पंढरपुर में 65 वर्षीय महिला द्वारा अपने 70 वर्षीय प्रेमी की हत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में सामने आया कि मामूली विवाद के बाद महिला ने धारदार हथियार से प्रेमी की हत्या कर दी। इसके बाद सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने और कुएं में फेंकने का प्रयास किया गया। डीएनए जांच में शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, पंढरपुर निवासी मंगल होनमाने और अंबादास खांडेकर के बीच पिछले 15-20 वर्षों से परिचय और प्रेम संबंध थे। अंबादास की उम्र 70 वर्ष, जबकि मंगल की उम्र 65 वर्ष थी। कुछ दिन पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि इसी दौरान मंगल ने कोयते से अंबादास पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद मंगल ने शव को जलाने का प्रयास किया। इसके बाद शव को घसीटकर ले जाकर कुएं में फेंक दिया। इस बीच अंबादास के लापता होने की शिकायत उनके परिजनों ने पुलिस थाने में दर्ज कराई थी।

जांच के दौरान पुलिस को शंकरगांव क्षेत्र में एक सड़ी-गली और आंशिक रूप से जली हुई अवस्था में हड्डियों का ढांचा मिला। पुलिस को संदेह था कि यह अंबादास का शव हो सकता है। डीएनए जांच में इसकी पुष्टि हुई कि बरामद अवशेष अंबादास खांडेकर के ही हैं। जांच में यह भी सामने आया कि अंबादास को आखिरी बार मंगल होनमाने के साथ देखा गया था। इसके आधार पर पुलिस ने मंगल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने हत्या की बात स्वीकार करने की जानकारी पुलिस ने दी है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कट्टे के अनुसार, अंबादास शराब के नशे में मंगल के घर पहुंचा था। इस दौरान उसने मंगल की बहू के बारे में अपशब्द कहे। इससे नाराज होकर मंगल ने गुस्से में अंबादास पर कोयते से हमला कर दिया। पुलिस ने आरोपी मंगल होनमाने को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।

नोएडा में AC बस में आग लगी, 9 जिंदा जले

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– यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी

ग्रेटर नोएडा :- यमुना एक्सप्रेसवे पर दयानतपुर गांव के पास बुधवार देर रात एक यात्री बस में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं। बस दिल्ली से महोबा जा रही थी और उसमें करीब 35 यात्री सवार थे। घायलों को नजदीकी कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात करीब 11 बजे जेवर टोल के पास बस में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। आग लगने के बाद चालक ने बस को एक्सप्रेसवे के किनारे रोक दिया। देखते ही देखते आग ने बस को पूरी तरह चपेट में ले लिया। बस में धुआं भरने से यात्रियों में अफरातफरी मच गई। कुछ यात्री किसी तरह बस से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि कई यात्री अंदर ही फंस गए।

धुएं के कारण बाहर निकलने में हुई परेशानी

हादसे में बच्चों और बुजुर्गों के भी हताहत होने की सूचना है। बस का नंबर बीआर-32/ पीए-8647 बताया गया है। एक यात्री के अनुसार, वह बस में सो रहा था। इसी दौरान किसी ने उसे जगाकर बस में आग लगने की जानकारी दी। इसके बाद यात्री बाहर निकलने के लिए भागे, लेकिन बस में घना धुआं भर जाने के कारण बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया। किसी तरह कई यात्रियों ने बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।

चालक से पूछताछ, दस्तावेज मिले वैध

प्रारंभिक जांच में दुर्घटनाग्रस्त बस के फिटनेस, परमिट समेत अन्य दस्तावेज वैध पाए गए हैं। गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।

हादसे के बाद यात्रियों के लिए तत्काल वैकल्पिक वाहनों की व्यवस्था की गई, ताकि उन्हें उनके गंतव्य तक भेजा जा सके। पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं।

राजर्षी शाहू महाराज मानधन समितीच्या सदस्यांचा सत्कार

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– काटोल-नरखेड तालुक्यातील कलाकारांचा उत्स्फूर्त सहभाग

नरखेड, प्रतिनिधी :- भारतीय लोककला सांस्कृतिक संघटना, नागपूरच्या वतीने राजर्षी शाहू महाराज मानधन समितीच्या सदस्यांचा सत्कार समारंभ काटोल येथे आयोजित करण्यात आला. यावेळी काटोल-नरखेड तालुक्यातील कलाकारांच्या वतीने प्रकाश काळे (गुरुजी), संजय भाकरे आणि पुरुषोत्तम धोटे यांचा उत्स्फूर्तपणे सत्कार करण्यात आला.

कार्यक्रमाचे आयोजन भारतीय लोककला सांस्कृतिक संघटना, नागपूरच्या कोषाध्यक्ष जयश्री धोटे, राष्ट्रीय सदस्य बंडू तभाने, काटोल अध्यक्ष जयपाल उमाठे आणि राष्ट्रीय सदस्य शुभांगी वालके यांच्या नेतृत्वाखाली करण्यात आले.

कार्यक्रमाला प्रमुख अतिथी म्हणून शाहीर सुनील डाहाट, सुरेशराव धोटे, देविदास घायवट, तानबा सिंगारे, महादेवराव बारसकर आणि नामदेवराव ठाकरे यांच्यासह अनेक मान्यवर उपस्थित होते.

याशिवाय कलाकार व मान्यवरांमध्ये शरदराव धोटे, प्रभाकर कालमेंग, रवींद्र मुसले, रामेश्वर लोहे, युवराज आमले, अमोल बारसकर, लोकेश फुले, सुमित कोंघे, योगेश ढबाले, ज्ञानेश्वर तायवाडे, नरेंद्र धवराल, नितीन तायवाडे, रामभाऊ वानखडे, शीला ठाकरे, गंगा आगे, मारुतराव आगे, पुष्पा सावरकर, गोपाल भिसे, यमुना पिरोडिया आणि वर्षाताई मोरे यांची उपस्थिती होती.

कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन शुभांगी वालके यांनी केले. प्रास्ताविक बंडू तभाने यांनी केले, तर आभार जयश्री धोटे यांनी मानले. कलाकार व मान्यवरांच्या उत्स्फूर्त सहभागामुळे कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरणात पार पडला.

करणागड ग्रीन व्हॅली फार्मर प्रोड्युसर कंपनीची वार्षिक सर्वसाधारण सभा उत्साहात

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नरखेड, प्रतिनिधी :- करणागड ग्रीन व्हॅली फार्मर प्रोड्युसर कंपनी लिमिटेड, नरखेड (नाबार्ड अर्थसहाय्य) यांच्या वतीने केंद्र सरकारच्या १० हजार एफपीओ सेंट्रल सेक्टर स्कीमअंतर्गत वार्षिक सर्वसाधारण सभेचे आयोजन उत्साहपूर्ण वातावरणात करण्यात आले. सभेला कंपनीचे भागधारक, संचालक, कृषी विभागाचे अधिकारी तसेच एफपीओ व सीबीबीओ सावित्रीबाई फुले महिला एकात्म समाज मंडळ (SPMESM), छत्रपती संभाजीनगरचे प्रतिनिधी उपस्थित होते.

कार्यक्रमाला एमजीआयआरआय, वर्धा येथील डॉ. प्रशांत तायडे, सीबीबीओचे प्रकल्प संचालक आदित्य देशपांडे, विवेक बोरकर, अंकित बनसोड तसेच नरखेडचे कृषी अधिकारी पंकज कोकाटे यांची प्रमुख उपस्थिती होती. कार्यक्रमाच्या अध्यक्षस्थानी कंपनीचे अध्यक्ष प्रशांत खुरसंगे होते.

कार्यक्रमाची सुरुवात मान्यवरांच्या हस्ते दीपप्रज्वलन व सरस्वती पूजनाने झाली. यावेळी उपस्थित मान्यवरांचे पुष्पगुच्छ देऊन स्वागत करण्यात आले. कार्यक्रमाचे सूत्रसंचालन नीतिराज झाडे यांनी केले.

कंपनीच्या प्रगतीचा घेतला आढावा

अध्यक्षीय भाषणात प्रशांत खुरसंगे यांनी करणागड ग्रीन व्हॅली फार्मर प्रोड्युसर कंपनीच्या आतापर्यंतच्या कामकाजाचा व प्रगतीचा आढावा सादर केला. शेतकऱ्यांनी एकत्रित येऊन शेतकरी उत्पादक कंपनीच्या माध्यमातून कृषी मालाचे उत्पादन, संकलन, प्रक्रिया, मूल्यवर्धन आणि थेट बाजारपेठेशी जोडणी यावर अधिक भर देण्याची गरज असल्याचे त्यांनी सांगितले.

कंपनीच्या माध्यमातून भागधारक शेतकऱ्यांना विविध कृषीविषयक सेवा उपलब्ध करून देणे, कंपनीच्या कामकाजात शेतकऱ्यांचा सहभाग वाढविणे तसेच भविष्यात कंपनीला अधिक सक्षम करण्यासाठी सर्व संचालक व भागधारकांनी एकजुटीने काम करणे आवश्यक असल्याचेही खुरसंगे यांनी नमूद केले.

संचालक, भागधारकांची उत्स्फूर्त उपस्थिती

सभेला कंपनीचे संचालक यशवंत राऊत, विलास सातपुते, शंकर बारसकर, संचालिका सुनंदाताई वैद्य यांच्यासह इतर संचालक व मोठ्या संख्येने भागधारक शेतकरी उपस्थित होते.

सभेदरम्यान कंपनीच्या आतापर्यंतच्या कामकाजाचा व विविध उपक्रमांचा आढावा घेण्यात आला. आगामी काळात राबविण्यात येणारे विविध उपक्रम, शेतकऱ्यांच्या हितासाठी राबविण्यात येणाऱ्या योजना तसेच कंपनीच्या भविष्यातील कार्ययोजनेवर सविस्तर चर्चा करण्यात आली. यावेळी भागधारक शेतकऱ्यांनी कंपनीच्या आगामी कार्यपद्धतीबाबत विविध सूचना व विचार मांडले.

शेतकऱ्यांच्या सामूहिक विकासाचा संकल्प

कार्यक्रमाच्या शेवटी सुनंदा वैद्य यांनी उपस्थित मान्यवर, संचालक, भागधारक आणि सर्व सहकाऱ्यांचे आभार मानले. शेतकऱ्यांच्या सामूहिक विकासाला गती देणे, त्यांच्या कृषी मालाला योग्य बाजारपेठ उपलब्ध करून देणे आणि करणागड ग्रीन व्हॅली फार्मर प्रोड्युसर कंपनीला भविष्यात अधिक सक्षम व प्रभावी बनविण्याचा संकल्प व्यक्त करत वार्षिक सर्वसाधारण सभा उत्साहपूर्ण वातावरणात संपन्न झाली.

तरोडी बु. येथे संत गाडगेबाबा ग्रामस्वच्छता अभियानांतर्गत राज्यस्तरीय तपासणी समितीची पाहणी

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कामठी :- ग्रामपंचायत तरोडी बु. येथे संत गाडगेबाबा ग्रामस्वच्छता अभियान तथा राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज स्वच्छ ग्राम स्पर्धा सन २०२५-२६ अंतर्गत राज्यस्तरीय तपासणी समितीने भेट देऊन ग्रामपंचायतीच्या विविध स्वच्छता व विकासकामांची सविस्तर पाहणी केली.

तपासणी समितीचे अध्यक्ष विजय जायकर, अवर सचिव, पाणीपुरवठा विभाग, महाराष्ट्र शासन यांच्या अध्यक्षतेखाली दुर्गेश सोनजे, कक्ष अधिकारी तथा सदस्य सचिव, तपासणी समिती, योगेश यलमार, कक्ष अधिकारी तथा तपासणी समिती सदस्य आणि शशिकांत शेवगेकर, सहाय्यक कक्ष अधिकारी तथा तपासणी समिती सदस्य, पाणीपुरवठा विभाग, मंत्रालय, मुंबई यांनी ग्रामपंचायतीची पाहणी केली.

यावेळी जिल्हा परिषद नागपूर स्तरावरून डॉ. कमल किशोर फुटाणे, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी,  कुणाल उंदीरवाडे, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, पाणीपुरवठा विभाग, तसेच गटविकास अधिकारी पियुष डोंगरे साहेब आणि विस्तार अधिकारी पंचायत प्रवीण गावंडे, पंचायत समिती कामठी उपस्थित होते.

तपासणीदरम्यान ग्रामपंचायतीमार्फत अभियानातील निर्देशांकानुसार करण्यात येत असलेल्या विविध उपक्रमांची माहिती समितीने घेतली. यामध्ये वैयक्तिक स्वच्छता, सार्वजनिक स्वच्छता, घनकचरा व्यवस्थापन, सांडपाणी व्यवस्थापन, महिलांसाठी आवश्यक स्वच्छतागृहांची उपलब्धता व गुणवत्ता तसेच ग्रामस्वच्छता आणि पर्यावरण संवर्धनाशी संबंधित विविध बाबींची पाहणी करण्यात आली.

ग्रामपंचायतीचे लोकप्रतिनिधी, अधिकारी व कर्मचारी यांच्या समन्वयातून स्वच्छता अभियानाची प्रभावी अंमलबजावणी सुरू असून, नागरिकांचा सहभाग वाढविण्यासाठी विविध उपक्रम राबविण्यात येत असल्याचे यावेळी दिसून आले.

कार्यक्रमास सरपंच आरती प्रवीण चिकटे, उपसरपंच सारिका सनकाडे, ग्रामपंचायत सदस्य रुपेश येवले,  रुपेश डेरे, सुनील चिकटे, ममता बोपचे, प्रतिभा महल्ले, शीला चिकटे तसेच ग्रामपंचायत अधिकारी उमेश विष्णूजी धावडे, ग्रामपंचायतीचे सर्व कर्मचारी व ग्रामस्थ उपस्थित होते.

कार्यक्रमाचे संचालन मासोदकर यांनी केले, तर आभार प्रदर्शन ग्रामपंचायत अधिकारी उमेश विष्णूजी धावडे यांनी केले.

शिक्षक ,पदवीधर निवडणूकीच्या धर्तीवर शेतकरी मतदार संघाची निवड करून शेतकरी आमदार निवडणूक करावी

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संदीप कांबळे, कामठी :- विधानपरिषदेत शिक्षक आणि पदवीधरांसाठी स्वतंत्र मतदारसंघांची व्यवस्था अस्तित्वात आहे.नुकतेच महाराष्ट्र विधानपरिषदेच्या पदवीधर आणि शिक्षक मतदार संघाच्या द्विवार्षिक निवडणुकीचा कार्यक्रम जाहीर झाला आहे. या निवडणुकीसाठी मतदार संघाचीही निवड करण्यात आली आहे या पार्श्वभूमीवर राज्यातील शेतकरी वर्गासाठीही स्वतंत्र मतदारसंघ निर्माण करून शेतकऱ्यांमधूनच शेतकरी आमदार निवडण्याची व्यवस्था करावी, अशी मागणी कामठी तालुक्यातील शेतकरीवर्ग करीत आहे.

शेती हा ग्रामीण अर्थव्यवस्थेचा महत्त्वाचा आधार असून, शेतकऱ्यांच्या प्रश्नांचा थेट संबंध उत्पादन, बाजारपेठ, सिंचन, पीकविमा, कर्जव्यवस्था, शेतीमालाचे दर आणि नैसर्गिक आपत्तीमुळे होणारे नुकसान यांच्याशी आहे. हे प्रश्न केवळ निवडणुकीच्या काळापुरते मर्यादित न राहता सातत्याने विधिमंडळाच्या चर्चेच्या केंद्रस्थानी राहावेत, यासाठी शेतकरी वर्गाला स्वतंत्र प्रतिनिधित्व मिळणे आवश्यक आहे.

भारतीय संविधानाच्या अनुच्छेद १७१ अंतर्गत राज्य विधानपरिषदांच्या रचनेत विविध प्रकारच्या प्रतिनिधित्वाची तरतूद आहे. त्यानुसार स्थानिक प्राधिकरणे, पदवीधर आणि शिक्षक मतदारसंघांमधून प्रतिनिधी निवडले जातात. प्रतिनिधित्वाच्या या पद्धतीसाठी लोकप्रतिनिधित्व कायद्यातही स्वतंत्र तरतुदी आहेत.

महाराष्ट्रात पदवीधर आणि शिक्षक मतदारसंघांच्या निवडणुका नियमितपणे घेतल्या जात असून यावर्षीही शिक्षक व पदवीधर मतदारसंघांसाठी निवडणूक प्रक्रिया सुरू झाली असून 23 ऑक्टोबर रोजी मतदान तर 27 ऑक्टोबर रोजी निकाल लागणार आहे.

शेतकरी मतदारसंघ झाल्यास त्याची व्याप्ती, पात्र मतदारांची व्याख्या, शेतकरी म्हणून पात्रतेचे निकष, मतदारयादीची रचना आणि मतदारसंघांची भौगोलिक सीमा याबाबत स्वतंत्र धोरण ठरवावे लागेल. तेव्हा शेतकरी मतदार संघ निवड ही मागणी केवळ राजकीय घोषणेपुरती न ठेवता तिच्या घटनात्मक, कायदेशीर आणि प्रशासकीय व्यवहार्यतेचा अभ्यास करण्याची गरज आहे.

शेतकऱ्यांच्या समस्या सातत्याने बदलत आहेत. हवामानातील बदल, वाढता उत्पादन खर्च, उपलब्ध पाण्याचे नियोजन, बाजारभावातील चढ-उतार, कृषी प्रक्रिया उद्योग, साठवणूक व्यवस्था आणि शेतीला पूरक व्यवसाय यांसारखे विषय भविष्यात अधिक महत्त्वाचे ठरणार आहेत. त्यामुळे या विषयांवर प्रत्यक्ष शेती करणाऱ्या वर्गाचा विधिमंडळातील आवाज अधिक प्रभावीपणे पोहोचावा, अशी अपेक्षा शेतकरी वर्ग व्यक्त करीत आहे.

शिक्षक आपल्या क्षेत्रातील प्रश्नांसाठी, पदवीधर आपल्या शैक्षणिक व रोजगारविषयक प्रश्नांसाठी प्रतिनिधी निवडू शकतात, तर शेतीवर प्रत्यक्ष अवलंबून असलेल्या नागरिकांसाठी स्वतंत्र प्रतिनिधित्वाची निवड का होऊ नये?असा सवाल येथिल शिक्षित जागरूक शेतकरी वर्ग करीत आहे. शेतकरी आमदार म्हणून निवड झाल्यास अशा व्यवस्थेमुळे शेतकरी प्रश्नांना विधानपरिषदेत संस्थात्मक व्यासपीठ मिळू शकते,

‘शेतकरी आमदार’ ही संकल्पना प्रत्यक्षात आणण्यासाठी राज्य सरकार, केंद्र सरकार, निवडणूक आयोग आणि विधिमंडळाने अभ्यासपूर्वक पुढाकार घ्यावा, अशी मागणी आता चर्चेचा विषय ठरत आहे.

चिटणीस पार्कमध्ये १२ श्रीगणेश मूर्ती स्वीकार केंद्राचे लोकार्पण

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नागपूर :- पर्यावरणपूरक गणेशोत्सवाला प्रोत्साहन देत गणेशभक्तांना श्रीगणेश मूर्तींच्या विसर्जनासाठी सुलभ व सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध करून देण्याच्या उद्देशाने मध्य नागपूरचे आमदार प्रवीण दटके यांच्या संकल्पनेतून चिटणीस पार्क येथे १२ गणेश मूर्ती स्वीकार केंद्रांची व्यवस्था करण्यात आली आहे. या केंद्रांचे विधिवत पूजन करून महापौर निता ठाकरे यांच्या हस्ते बुधवार (ता. २३) रोजी लोकार्पण करण्यात आले.

यावेळी गांधीबाग झोन सभापती उमा देशमुख, नगरसेवक सुधीर (बंडू) राऊत, नगरसेवक सचिन नाईक, नगरसेवक संजय बालपांडे, नगरसेविका वैशाली उदापूरकर, नगरसेविका विद्या कन्हेरे, नगरसेविका प्रमिला गौर, ग्रीन व्हिजीलचे संस्थापक कौत्सुव चॅटर्जी, सुरभी जैस्वाल, पर्यावरण तज्ज्ञ स्वानंद सोनी तसेच मनपाचे अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित होते.

यावेळी. महापौर निता ठाकरे यांनी श्रीगणरायांचे पूजन करून सर्व नागरिकांना सुख, व समृद्धी लाभावी, अशी प्रार्थना केली. गणेशभक्तांनी पर्यावरणपूरक पद्धतीने श्रीगणेश मूर्तींचे विसर्जन करावे तसेच मनपाने उपलब्ध करून दिलेल्या कृत्रिम विसर्जन कुंडांचा लाभ घ्यावा, असे आवाहन त्यांनी केले.

नागपूर महानगरपालिकेतर्फे यावर्षी शहरातील दहाही झोनमध्ये विविध ठिकाणी कृत्रिम विसर्जन कुंडांची व्यवस्था करण्यात आली आहे. नागरिकांना आपल्या घराजवळील कृत्रिम विसर्जन कुंडाची माहिती सहज उपलब्ध व्हावी, यासाठी मनपाच्या माध्यमातून क्युआर कोड व संकेतस्थळावर झोननिहाय कृत्रिम विसर्जन कुंडांची माहिती, ठिकाणे व दिशादर्शन उपलब्ध करून देण्यात आले आहे. नागरिकांनी क्युआर कोड किंवा संकेतस्थळाचा उपयोग करून आपल्या जवळच्या कृत्रिम विसर्जन कुंडात श्रीगणेश मूर्तीचे पर्यावरणपूरक व श्रद्धापूर्वक विसर्जन करावे, असे आवाहन करण्यात आले.

चिटणीस पार्क येथे स्व.प्रभाकरराव दटके यांच्या स्मृतीनिमित्त आमदार प्रवीण दटके यांच्या पुढाकारातून १२ विसर्जन कुंडांची व्यवस्था करण्यात आली आहे. या सर्व कुंडांना प्रमुख नद्यांची नावे देण्यात आली आहेत. यामध्ये ८ कुंड २० फूट लांब व १२ फूट रुंद, ५ कुंड १५ फूट लांब व ९ फूट रुंद, तर २ कुंड १२ फूट लांब व ८ फूट रुंद आहेत.

गणेशभक्तांना विसर्जनाच्या वेळी अधिक वेळ प्रतीक्षा करावी लागू नये, यासाठी विविध आकारांची १२ कुंडे उपलब्ध करून देण्यात आली आहेत. तसेच विसर्जनाच्या वेळी भक्तिगीते वाजविण्यात येणार असून, परिसरात भक्तीमय वातावरण निर्माण करण्याची व्यवस्था करण्यात आली आहे. रात्रीच्या वेळीही गणेशभक्तांना कोणतीही अडचण होऊ नये यासाठी विद्युत व्यवस्था व रोषणाई करण्यात आली आहे.

या विसर्जन कुंडांची रचना स्वस्तिकाच्या आकारात करण्यात आली असून, विसर्जनानंतर निर्माल्याचे स्वतंत्रपणे संकलन व्हावे यासाठी प्रत्येक ठिकाणी निर्माल्य कलशाची व्यवस्था करण्यात आली आहे. चिटणीस पार्कच्या सर्व प्रवेशद्वारांतून गणेशभक्तांना मूर्ती घेऊन येण्याची सुविधा उपलब्ध करून देण्यात आली आहे.

कार्यक्रमाचे संचालन महानगरपालिकेच्या क्रीडा विभागाच्या उज्वला चरडे यांनी केले. यावेळी उपस्थित मान्यवरांचा महानगरपालिकेच्या वतीने मानाचा दुपट्टा व छत्रपती शिवाजी महाराजांची मूर्ती देऊन सत्कार करण्यात आला.

गणेश मूर्ती स्वीकार केंद्राची प्रमुख वैशिष्ट्ये :

१. चिटणीस पार्कच्या सर्व प्रवेशद्वारांतून गणेशभक्तांना मूर्ती आणता येणार.

२. विविध आकारांची १२ विसर्जन कुंडे उपलब्ध असल्याने प्रतीक्षा वेळ कमी होणार.

३. विसर्जनाच्या वेळी भक्तिगीते वाजविण्यात येणार असल्याने भक्तीमय वातावरणाची निर्मिती.

४. रात्रीच्या वेळीही पुरेशी रोषणाई व विद्युत व्यवस्था.

५. स्वस्तिकाच्या आकारातील विसर्जन कुंडांची आकर्षक रचना.

६. निर्माल्य संकलनासाठी विसर्जनस्थळी स्वतंत्र निर्माल्य कलशांची व्यवस्था.

आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या प्रलंबित प्रश्नांवर आरोग्य सेवा आयुक्तांसोबत विस्तारित बैठक

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– मानधन, सामाजिक सुरक्षा, सेवा-सुविधा व कामाच्या ठिकाणी येणाऱ्या अडचणींवर सविस्तर चर्चा

मुंबई :- महाराष्ट्रातील आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या विविध प्रलंबित प्रश्न व मागण्यांबाबत आरोग्य सेवा आयुक्तालय, महाराष्ट्र राज्य, आरोग्य भवन, मुंबई येथे आरोग्य सेवा आयुक्त संजय काटकर यांच्या उपस्थितीत विस्तारित बैठक घेण्यात आली. राज्यातील आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या प्रश्नांना शासनस्तरावर प्रभावीपणे मांडण्यासाठी ही बैठक महत्त्वपूर्ण ठरली. या बैठकीस राष्ट्रीय आरोग्य अभियानाचे सहसंचालक राजेंद्र भालेराव, राज्य आशा समन्वयक किशोर गांगुर्डे, सीटूचे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व महाराष्ट्र राज्य अध्यक्ष डॉ. डी. एल. कराड, आयटकचे कॉ. राजू देसले, नागपूर येथील कॉ. राजेंद्र साठे, कॉ. आनंदी अवघडे, कॉ. आरमायटी इराणी, कॉ. हणमंत कोळी, दत्ता देशमुख,मीना कोळी, उज्वला पाटील यांच्यासह महाराष्ट्रातील विविध जिल्ह्यांमधून आलेले आशा सेविका व गटप्रवर्तक कर्मचारी संघटनांचे पदाधिकारी मोठ्या संख्येने उपस्थित होते.

विविध प्रलंबित प्रश्नांवर सविस्तर चर्चा

बैठकीमध्ये आशा सेविका व गटप्रवर्तकांना दैनंदिन कामकाजात भेडसावणाऱ्या विविध प्रश्नांवर सविस्तर चर्चा करण्यात आली. मानधन व मोबदला, सामाजिक सुरक्षा, प्रोत्साहनपर भत्ते, सेवा-सुविधा, कामाच्या स्वरूपानुसार आवश्यक साधने व सुविधा, तसेच कामाच्या ठिकाणी निर्माण होणाऱ्या विविध अडचणी, वयाची मर्यादा 65 वर्षे करूने, प्रसुती रजा लागू करणे, ए पी एल / बी पी एल अट रद्द करणे, याबाबत संघटनेच्या प्रतिनिधींनी आपली भूमिका मांडली.

आशा सेविका व गटप्रवर्तक या आरोग्य विभागाच्या विविध योजना आणि उपक्रमांची प्रभावीपणे अंमलबजावणी करण्यासाठी ग्रामीण तसेच शहरी भागात प्रत्यक्ष पातळीवर काम करीत आहेत. गर्भवती महिला, बालके, माता, कुटुंबे आणि विविध घटकांपर्यंत आरोग्यविषयक माहिती पोहोचविणे, जनजागृती करणे, सर्वेक्षण करणे, आरोग्यविषयक योजनांशी नागरिकांना जोडणे तसेच विविध शासकीय उपक्रमांमध्ये सहभाग घेणे, अशी महत्त्वाची कामे त्या सातत्याने पार पाडत आहेत.

कामाच्या वाढत्या जबाबदाऱ्यांकडे लक्ष देण्याची मागणी

बदलत्या आरोग्य व्यवस्थेमुळे आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या कामाच्या जबाबदाऱ्यांमध्ये सातत्याने वाढ होत आहे. प्रत्यक्ष क्षेत्रात काम करताना त्यांना अनेक अडचणींचा सामना करावा लागतो. त्यामुळे त्यांच्या कामाचे स्वरूप, जबाबदाऱ्या आणि प्रत्यक्ष परिस्थिती लक्षात घेऊन आवश्यक सुविधा व योग्य मोबदला मिळणे गरजेचे असल्याचे संघटनेच्या प्रतिनिधींनी बैठकीत मांडले. तसेच कामासाठी आवश्यक असणारी डिजिटल साधने, ऑनलाइन कामकाज, संपर्क सुविधा आणि इतर आवश्यक बाबी उपलब्ध करून देण्याबाबतही चर्चा करण्यात आली. आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या सामाजिक सुरक्षेच्या प्रश्नांकडे शासनाने गांभीर्याने लक्ष देऊन त्याबाबत ठोस निर्णय घ्यावा, अशी मागणी करण्यात आली.

शासनाने सकारात्मक निर्णय घेण्याची अपेक्षा

आशा सेविका व गटप्रवर्तक या सार्वजनिक आरोग्य व्यवस्थेचा महत्त्वाचा दुवा असून, ग्रामीण व शहरी भागातील नागरिकांपर्यंत आरोग्य सेवा पोहोचविण्यात त्यांचे योगदान महत्त्वपूर्ण आहे. त्यामुळे त्यांच्या प्रलंबित मागण्यांचा शासनाने सहानुभूतीपूर्वक व सकारात्मक विचार करून त्यावर लवकरात लवकर निर्णय घ्यावा, अशी मागणी यावेळी करण्यात आली. बैठकी दरम्यान संबंधित प्रश्न व मागण्यांवर पुढील कार्यवाही बाबतही चर्चा झाली. संघटनेच्या प्रतिनिधींनी मांडलेल्या विविध मागण्यांचा शासनस्तरावर सकारात्मक विचार करून त्यावर आवश्यक कार्यवाही करण्यात यावी, अशी अपेक्षा व्यक्त करण्यात आली.

प्रश्न सोडविण्यासाठी पुढील पाठपुरावा या विस्तारित बैठकीमुळे राज्यातील आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या प्रलंबित प्रश्नांना आरोग्य विभागाच्या वरिष्ठ अधिकाऱ्यां समोर थेट मांडण्यासाठी महत्त्वाचे व्यासपीठ उपलब्ध झाले आहे. बैठकीत झालेल्या चर्चेच्या अनुषंगाने संबंधित मागण्यांबाबत पुढील पाठपुरावा करण्यात येणार असल्याचे संघटनेच्या पदाधिकाऱ्यांनी सांगितले.

आशा सेविका व गटप्रवर्तकांच्या प्रश्नांवर शासनाने सकारात्मक भूमिका घेऊन त्यांच्या मागण्यांची पूर्तता करण्यासाठी ठोस पावले उचलावीत, अशी अपेक्षा यावेळी उपस्थित संघटनांच्या पदाधिकाऱ्यांनी व्यक्त केली.

अध्यक्ष कॉ. राजेंद्र साठे 

 98900 -90107