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शादी का बजट हुआ ‘महायुद्ध’ जैसा महंगा

– गैस संकट ने बिगाड़ी शादियों की रौनक, 60 पकवानों की जगह अब सिर्फ 20 डिशेज

– सिलेंडर की लाइन में दूल्हा-दुल्हन के घरवाले, शादी की तैयारियां पड़ी फीकी

नागपुर :- अमेरिका, इजराइल और ईरान युद्ध ने शादियों का खर्च बढ़ा दिया है. कच्चे माल की कमी होने से वस्तुओं की लगातार कीमत बढ़ रही है जिससे पिछले एक महीने में दूल्हे की शेरवानी और दुल्हन के लहंगे की कीमत 10 से 20 फीसदी तक बढ़ गई है, वहीं कमर्शियल सिलेंडर के बढ़ते दाम और इसकी बढ़ती किल्लत ने शादियों का बजट बढ़ा दिया है. इतना ही नहीं, गैस की किल्लत ने कोयला और लकड़ी जैसे देसी विकल्प की ओर लौटने को मजबूर कर दिया है. लड़के और लड़की वाले शादी की तैयारी छोड़कर सुबह से रातभर गैस सिलेंडर की लाइन में लगे रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी समय पर सिलेंडर मिल नहीं रहा है.

मुश्किल हो रहा ऑर्डर पूरा करना : शादियों पर पड़ रहे असर के बारे में बैंक्वेट हॉल मालिकों, कैटरर्स और शादी वाले लड़का-लड़की के अभिभावक भी अपनी अपनी परेशानी बता रहे हैं. बैंक्वेट हॉल वालों कहा कहना है कि सिलेंडर संकट के चलते अब नई बुकिंग नहीं मिल रही. कैटरर्स के लिए पहले से लिए ऑर्डर को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. वहीं जिनके घर में शादी है, वे आखिरी समय में खर्च बढ़ने से परेशान हैं.

राकेश शर्मा बताते है कि शादियों की रौनक उसका ‘शाही खाना’ होता है लेकिन गैस संकट के चलते मेनू से कई आइटम्स गायब हो गए है. शादियों में नॉन और तंदूरी स्नैक्स जिनमें सबसे ज्यादा गैस और कोयला लगता है, उनकी जगह अब ‘स्टीम्ड’ डिशेज (जैसे मोमोज या इडली) या ठंडे सलाद काउंटर बढ़ाएं जा रहे है. लाइव पास्ता, डोसा और चाट काउंटर्स को कम किया जा रहा है क्योंकि इनके लिए लगातार जलते बर्नर की जरूरत होती है. पहले शादियों में जहां 50 से 60 पकवान होते थे अब परिवार उन्हें पटाकर 15 से 20 पर ले आए हैं.

कैटरर्स शंकर पांडे बताते हैं कि शादियों के लिए जरूरत होने से सिलेंडर के लिए अनाप-शनाप पैसा मांगा जा रहा है. इससे कैटरिंग का बजट बढ़ गया है, उन्होंने बताया कि सिर्फ सिलेंडर ही नहीं, राशन आइटम्स के दाम भी बढ़ गए हैं. इससे हमारी प्रति प्लेट कॉस्टिंग बढ़ गई है. इतना ही नहीं, एलपीजी संकट से मार्केट में एक डर का माहौल हो गया है. इससे नई बुकिंग बिल्कुल नहीं मिल रही है, शादियों के अलावा मैरिज एनिवर्सरी, बर्थडे पार्टी, रिटायरमेंट पार्टी की भी बुकिंग आती है. वो भी एकदम से ठंडा हो गया है.

राजेश वर्मा जिनके लड़के की शादी है, ने बताया कि एलपीजी संकट के कारण अब हलवाई उनसे ज्यादा पैसे मांग रहा है. हलवाई का कहना है ब्लैक में सिलेंडर काफी महंगा मिल रहा है, इसलिए कॉस्ट बढ़ गई है. इसकी भरपाई आपको करनी होगी.

उन्होंने बताया कि अब कोई विकल्प है, इसलिए मैंने हामी भर दी है. जो पैसे मांगेगा उसे देना होगा. वहीं बैंक्वेट हॉल और कैटरर्स के पास काम करने वाले भी परेशान हैं. उनका कहना है कि अब काम मिलने का संकट पैदा हो गया है.

युद्ध और गैस किल्लत ने बढ़ाई टेंशन

वहीं एक अन्य हलवाई विजय गुप्ता बताते हैं कि गैस सिलेंडर की किल्ल्त होने पर हम कोयला और लकड़ी जैसे देसी विकल्प का सहारा ले रहे हैं.गांवों में होने वाली शादियों में खाने का ऑर्डर पहले से ले चुके हैं. उसे कैंसिल नहीं कर सकते हैं. गैस सिलेंडर मिल नहीं रहा तो कोयला और लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाकर दे रहे हैं. इसमें काफी परेशानी आ रही है. गैस की किल्लत से सिर्फ शादी ही नहीं, तमाम पार्टी फंक्शन के लिए खाना चनाने में काफी परेशानी हो रही है.

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