– वंजारी-कोहले समेत सोले और सेनाड ने भरे नामांकन
– उम्मीदवारी को लेकर भाजपा में बगावत के सुर तेज
नागपुर :- विधान परिषद के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सोमवार को राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दौर में प्रमुख उम्मीदवारों ने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस के मौजूदा विधायक एवं उम्मीदवार अभिजीत वंजारी, भाजपा के सुधाकर कोहले, भाजपा से बगावत कर चुनाव मैदान में उतरे पूर्व विधायक अनिल सोले, एड.रमण सेनाड तथा निर्दलीय नितेश कराले ने नामांकन पत्र दाखिल किया। सभी उम्मीदवारों के साथ बड़ी संख्या में समर्थक और पार्टी पदाधिकारी विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे।
वंजारी के नामांकन के दौरान कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
कांग्रेस उम्मीदवार एवं मौजूदा विधायक अभिजीत वंजारी ने सुबह करीब 11 बजे अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नाना पटोले, विधानसभा में कांग्रेस के गुटनेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख, विधायक विकास ठाकरे, विधायक संजय मेश्राम, शहराध्यक्ष प्रफुल्ल गुडधे तथा प्रदेश कांग्रेस महासचिव अतुल कोटेचा सहित कई नेता उपस्थित रहे। वंजारी के समर्थन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और शक्ति प्रदर्शन किया।
बावनकुले की मौजूदगी में कोहले ने भरा नामांकन
वंजारी के बाद भाजपा उम्मीदवार सुधाकर कोहले नामांकन दाखिल करने पहुंचे। सुबह 10 बजे से भाजपा के नेता और पदाधिकारी सिविल लाइंस स्थित एक लॉन में एकत्रित हुए थे। सूखे की स्थिति को देखते हुए पार्टी की ओर से कार्यकर्ताओं को ढोल-ताशे के साथ रैली नहीं निकालने के निर्देश दिए गए थे। इसके चलते प्रस्तावित रैली भी रद्द कर दी गई।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक कृष्णा खोपड़े, विधायक प्रवीण दटके, विधायक परिणय फुके, पूर्व सांसद विकास महात्मे और पूर्व विधायक विकास कुंभारे की प्रमुख मौजूदगी में सुधाकर कोहले ने अपना नामांकन दाखिल किया।
सोले और सेनाड ने भी ठोकी ताल
भाजपा के पूर्व विधायक अनिल सोले और पार्टी कार्यकर्ता रमण सेनाड की बगावती भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में पहले से ही चर्चा थी। दोनों चुनाव मैदान में उतरेंगे या नहीं, इस पर सभी की नजरें थीं। आखिरकार दोपहर करीब डेढ़ बजे अनिल सोले समर्थकों के साथ विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और अपना नामांकन दाखिल किया। सोले ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी परिस्थिति में अपना नामांकन वापस नहीं लेंगे।
इसके कुछ ही समय बाद रमण सेनाड ने भी नामांकन दाखिल कर भाजपा के सामने चुनौती खड़ी कर दी। दोनों के चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार सुधाकर कोहले की राह मुश्किल होने की चर्चा शुरू हो गई है।

ज्योतिबा फुले की वेशभूषा में पहुंचे कराले:
निर्दलीय उम्मीदवार नितेश कराले ने भी अपने अलग अंदाज से सबका ध्यान खींचा। दोपहर करीब दो बजे वे महात्मा ज्योतिबा फुले की वेशभूषा में समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल करने पहुंचे। आकाशवाणी चौक से समर्थकों के साथ पैदल रैली निकालते हुए वे विभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे और अपना नामांकन दाखिल किया।
सोले को गुरु बताते हुए कोहले बोले- दूर होगा मनमुटाव:
नामांकन के बाद सुधाकर कोहले ने अनिल सोले को अपना गुरु बताते हुए कहा कि सोले ने उन्हें गणित के साथ-साथ राजनीति में भी मार्गदर्शन दिया है। उनके मन में जो नाराजगी या गलतफहमी है, उसे पार्टी के वरिष्ठ नेता निश्चित रूप से दूर करेंगे। कोहले ने दावा किया कि अनिल सोले निश्चित रूप से अपना नामांकन वापस ले लेंगे।
वहीं, अभिजीत वंजारी ने कहा कि पिछली बार की तरह इस बार भी पार्टी के कार्यकर्ता और मतदाता उनके साथ हैं। उन्होंने चुनाव में दोबारा जीत हासिल करने का विश्वास व्यक्त किया। सोमवार को हुए शक्ति प्रदर्शन और बगावत के बीच नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव अब और अधिक रोचक हो गया है।








