– मरीजों को बाहर से नहीं खरीदनी पड़ेंगी दवाइयां, अस्पताल में ही मुफ्त मिलेंगी
मुंबई :- राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में जीरो प्रिस्क्रिप्शन नीति पर कड़ाई से अमल का फैसला किया है। विभाग के अधीन सभी अस्पतालों में डॉक्टर किसी भी परिस्थिति में मरीजों को बाहर से दवाई खरीदने के लिए पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) नहीं लिख पाएंगे। सरकार ने आवश्यक सूची में शामिल सभी दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे शहरी व ग्रामीण लोककल्याण अभियान के तहत स्वास्थ्य संबंधित 13 विषयों को प्रमुख रूप से लागू करने के बारे में शासनादेश जारी किया है। राज्य के सभी 1958 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 10,788 उप-केंद्र में ठाकरे जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में महाअभियान चलाया जाएगा। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की 63 प्रकार की जांच और उप-केंद्रों में 14 प्रकार की जांच हो सकेगी। 30 साल से अधिक आयु वाली महिलाओं की – ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओरल कैंसर समेत अन्य जांच की जाएगी।
प्रदेश के जिन मनपा, जिला, उप-जिला और चिह्नित ग्रामीण अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, वहां मेनोपॉज (रजोनिवृत्ति) क्लीनिक शुरू होंगे। मेनोपॉज क्लीनिक में प्रत्येक बुधवार को ओपीडी में आने वाली महिलाओं की जांच की जाएगी। मेनोपॉज के दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानियों को देखते हुए उनकी नियमित मेनोपॉज जांच के निर्देश दिए गए हैं।
40% तक लाभार्थी बढ़ाने का लक्ष्य
राज्य के सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले लाभार्थियों की संख्या 17 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के 9.74 करोड़ राशन कार्ड लाभार्थियों में से 3.94 करोड़ लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड तैयार किए गए हैं। यह आंकड़ा बढ़ाकर 7.30 करोड़ करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य की महानगर पालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और कैंटोनमेंट में राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य अभियान के तहत 351 आयुष्मान स्वास्थ्य मंदिर, 26 पॉली क्लीनिक और राज्य योजना के तहत 1 बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना शुरू किए जाएंगे। साथ ही चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी के रिक्त पद विशेष अभियान के तहत भरे जाएंगे।