– सर्पदंश से तीन छात्राओं की मौत का मामला, संस्था संचालक पर कार्रवाई
गढ़चिरोली :- धानोरा तहसील के जपतलाई आश्रमशाला में सर्पदंश से तीन आदिवासी छात्राओं की मौत के बाद मुख्यमंत्री एवं गड़चिरोली के पालकमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आश्रमशाला की मान्यता स्थायी रूप से रद्द करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सह पालकमंत्री आशीष जायसवाल ने संस्था संचालक के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
आदिवासी दिवस की रात आश्रमशाला के एक कमरे में सो रही छह छात्राओं को सांप ने डस लिया था। हादसे में सुष्मिता सरोजित मंडल (14), दीपिका एतवा लकड़ा (12) और अनु गजुराम कोरेटी (8) की मौत हो गई। दीपिका बिट्लूरसाय मड़ावी (11) को गंभीर हालत में नागपुर रेफर किया गया, जबकि समृद्धि सुरेश नैताम (14) और कविता राजकुमार किरंगा (12) का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। तीनों घायल छात्राओं की हालत स्थिर बताई गई है।
आश्रमशाला की व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद आशीष जयसवाल ने आश्रमशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि छात्राएं जिस कमरे में सो रही थीं, वहां वे जमीन पर सोती थीं। कमरे के पीछे लकड़ियों का बड़ा ढेर और खिड़की के पास ईंटें रखी थीं। आशंका जताई गई कि इसी रास्ते से सांप कमरे में पहुंचा होगा। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के बावजूद आश्रमशाला को जांच में पात्र ठहराए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसी लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राज्य की सभी आश्रमशालाओं की होगी जांच:
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की सभी आश्रमशालाओं की व्यापक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जांच में सुरक्षित आवास, कर्मचारियों की उपलब्धता, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं की स्थिति देखी जाएगी। दूरदराज के क्षेत्रों की आश्रमशालाओं का भी नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस घटना में जान गंवाने वाली तीनों छात्राओं सुष्मिता मंडल, दीपिका लकड़ा और अनु कोरेटी का सोमवार रात उनके मूल गांवों में अंतिम संस्कार किया गया। मामले में संबंधित परियोजना अधिकारी अरुण एम. की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आदिवासी और सामाजिक संगठनों ने उनके खिलाफ निलंबन की मांग की है। वहीं, विभिन्न आदिवासी संगठनों ने आदिवासी विकास मंत्री अशोक उईके के खिलाफ भी नाराजगी जताते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है।





