– 24 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची, 27 अक्टूबर को अंतिम सूची
मुंबई :- महाराष्ट्र में विधानसभा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआरSIR) की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार राज्य में घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाने की प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 24 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोक्कलिंगम ने बुधवार को मंत्रालय में आयोजित पत्रकार परिषद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद पात्र नागरिकों को नाम जोड़ने, हटाने तथा मतदाता सूची में दर्ज जानकारी में सुधार के लिए दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।
नए मतदाताओं को भी मिलेगा मौका
24 अगस्त के बाद पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म नंबर 6, नाम हटाने के लिए फॉर्म नंबर 7 तथा पता, मोबाइल नंबर, फोटो सहित अन्य विवरणों में सुधार के लिए फॉर्म नंबर 8 भर सकेंगे। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए मतदाताओं के साथ ही अन्य जिलों या राज्यों से स्थानांतरित होकर आए पात्र नागरिक भी आवेदन कर सकेंगे।
प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे-आपत्तियों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। गणना प्रपत्र में दर्ज जानकारी और पिछली मतदाता सूची में दर्ज नाम या आयु में अंतर पाए जाने पर संबंधित मतदाता से आवश्यक दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। वर्ष 2002 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी का नाम नहीं मिलने वाले मतदाताओं के दस्तावेजों की भी नियमानुसार जांच की जाएगी। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
77.77 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण
राज्य में अब तक करीब 77.77 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है। लगभग 18.46 प्रतिशत प्रपत्र ‘अनकलेक्टेबल’ हैं, जबकि 3.78 प्रतिशत मामलों की प्रक्रिया जारी है। मुंबई शहर और मुंबई उपनगर जिलों में करीब 63 प्रतिशत प्रपत्रों का डिजिटलीकरण पूरा हुआ है। महानगरीय क्षेत्रों में लोगों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण के कारण ‘अनकलेक्टेबल’ मामलों का प्रतिशत अधिक बताया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने नागरिकों से निर्धारित समयसीमा में गणना प्रपत्र भरकर जमा करने की अपील की है, ताकि एसआईआर प्रक्रिया को समय पर पूरा किया जा सके।





