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जिल्हाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांनी केले विद्यार्थ्यांचे स्वागत

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यवतमाळ, दि. 23 (जिमाका) : संपुर्ण राज्यात आजपासून शैक्षणिक सत्राला सुरुवात झाली. शाळेच्या पहिल्या दिवशी विद्यार्थ्यांचे स्वागत करून त्यांचा शाळा प्रवेशोत्सव उत्साहात साजरा करण्याच्या शासनाच्या सूचना होत्या. त्याप्रमाणे संपुर्ण जिल्ह्यात प्रवेश उत्सव करण्यात आला. जिल्हाधिकारी, मुख्य कार्यकारी अधिकाऱ्यांसह ठिकठिकाणी लोकप्रतिनिधी, अधिकाऱ्यांनी शाळेत उपस्थित राहून विद्यार्थ्यांचे स्वागत केले.

जिल्हाधिकारी विकास मीना यांनी यवतमाळ तालुक्यातील जिल्हा परिषद उच्च प्राथमिक शाळा तिवसा येथे उपस्थित राहून विद्यार्थ्यांना पुष्पगुच्छ देऊन त्यांचे स्वागत केले. शाळा प्रवेशोत्सवाचे उद्घाटन करतांना शाळेच्या परिसरात त्यांनी वृक्षारोपण देखील केले. यावेळी विद्यार्थ्यांना संबोधित करतांना खुप मेहनत करा आणि मोठे व्हा, असा संदेश दिला. यावेळी सहाय्य पोलिस अधीक्षक रजनीकांत चिलुमुला यांच्यासह शिक्षण विभागाचे अधिकारी उपस्थित होते.

मुख्य कार्यकारी अधिकारी मंदार पत्की यवतमाळ शहरातील जिल्हा परिषद (माजी शासकीय) माध्यमिक विद्यालय व कनिष्ठ महाविद्यालयात उपस्थित राहून विद्यार्थ्यांचे पुष्पगुच्छ देऊन स्वागत केले व विद्यार्थ्यांचा उत्साह वाढविला. त्यांनी यावेळी विद्यार्थ्यांना मार्गदर्शन देखील केले. यावेळी शाळेचे मुख्याध्यापक साहेबराव पवार तसेच शिक्षण विभागाचे अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक उपस्थित होते.

जिल्ह्यातील सर्वच शाळांमध्ये शाळा प्रवेशोत्सव साजरा करण्यात आला. अनेक ठिकाणी लोकप्रतिनिधींनी उपस्थित राहून विद्यार्थ्यांचे पुष्पगुच्छ देऊन स्वागत केले. काही ठिकाणी जिल्हास्तरील व तालुकास्तरीय अधिकाऱ्यांनी उपस्थित राहून विद्यार्थ्यांचे स्वागत केले व त्यांना शुभेच्छा दिल्या. ठिकठिकाणी मोफत पाठ्यपुस्तकांचे वाटप देखील करण्यात आले

वेकोलि में 114 जगहों पर सोल्लास मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस…

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7000 से अधिक प्रतिभागियों ने योगाभ्यास किया

नागपुर – आज दिनांक 21.06.2025 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, वेकोलि में, 114 स्थलों पर योगाभ्यास कर, योगा दिवस मनाया गया। इस आयोजन में कुल 7070 कर्मी, ठेका कर्मी तथा कर्मियों के आश्रित शामिल हुए। वेकोलि के इस भव्य प्रयास का उद्देश्य जन-सामान्य में, मुख्यतः अपने कार्य-क्षेत्र महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश राज्यों में, योग के प्रति जागरूकता निर्माण करना तथा स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। योग दिवस के स्थलों में सभी क्षेत्रों के साथ ही रामटेक मंदिर (हेरिटेज साइट), भारत का केंद्र -नागपुर जीरो माइल, सावनेर इको पार्क, पाथाखेड़ा की साइअन्टिफिकली क्लोज्ड माइन पीके-2, विभिन्न ग्राम पंचायत, स्कूलों, अस्पतालों, सामूहिक भवनों, माइन पीट ऑफिस आदि का भी समावेश रहा।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य कार्यक्रम उमरेड क्षेत्र स्थित छत्रपति शिवाजी स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में वेकोलि के सीएमडी  जे. पी. द्विवेदी मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। उन्होंने स्टेडियम में 800 से अधिक प्रतिभागियों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने योग के सत्र के पश्चात, जन जागृति के लिए वेकोलि के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर योगाभ्यास करते हुए विडियो अपलोड करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया। इसके उपरान्त उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया।

अपने संबोधन में सीएमडी जे. पी. द्विवेदी ने योग के महत्व को उजागर करते हुए इसे अपनी दिनचर्या में अपनाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन रहता है। संबोधन में शारीरिक एवं मानसिक स्वस्थ पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि देश हित में अपना योगदान देने के लिए स्वस्थ रहना आवश्यक है। उन्होंने, योग के जरिए स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य बरक़रार रखते हुए उत्कृष्ट कोयला खनन एवं इस जरिए देश की विकास यात्रा में वेकोलि का सहयोग – इस  समीकरण को स्पष्ट किया। उन्होंने सभी को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएँ दी।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में रामटेक के  सांसद  श्यामकुमार बर्वे तथा उमरेड के  विधायक संजय मेश्राम ने संबोधित करते हुए योग के उपयोग पर विस्तार से बात की। आयोजन में उमरेड के पूर्व विधायक राजू परवे, निदेशक तकनीकी (संचालन) ए. के. सिंह, निदेशक (वित्त) बिक्रम घोष, निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) आनंदजी प्रसाद, निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. हेमंत शरद पांडे एवं मुख्य सतर्कता अधिकारी अजय मधुकर म्हेत्रे विशेष तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वेकोलि संचालन समिति एवं कल्याण मंडल के सदस्य, झंकार महिला मंडल की अध्यक्षा, उपाध्याक्षाएं तथा सदस्याएं, यूनियन प्रतिनिधि, मुख्यालय तथा क्षेत्रों के महाप्रबंधक गण एवं विभागाध्यक्षों की उपस्थिति रही।

ज्ञात हो कि कोयला कर्मियों तथा उनके आश्रितों के बीच योग के प्रति जागरूकता बढ़ने के उद्देश्य से गत महीनों में वेकोलि में कई महत्वपूर्ण पहल किए गए है। इनमें जागरूकता रैली, बूट कैंप, विद्यार्थियों एवं कर्मियों के लिए स्लोगन, क्विज तथा चित्रकला स्पर्धा, योग का प्रशिक्षण, बैनर एवं पोस्टर का प्रदर्शन, पैम्फलेट वितरण, योग संबंधी विषयों पर सत्र, सोशल मीडिया प्लेटफार्म का समुचित उपयोग, कर्मियों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की शपथ दिलाना आदि शामिल है।

नारायण विद्यालय: वर्धा, अमरावती, कोराड़ी, नागपुर शाखाओं में श्रम कानूनों की अनदेखी पर बवाल..!

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नागपुर – महाराष्ट्र के वर्धा, अमरावती, कोराड़ी रोड (नागपुर) समेत कई स्थानों पर फैले नारायण विद्यालय समूह पर श्रम कानून उल्लंघन और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि वह एक विशाल शैक्षणिक संस्थान होने के बावजूद कर्मचारियों के हक़ की अनदेखी कर रहा है और लेबर कानूनों का पालन नहीं कर रहा। संस्थान से जुड़े कुछ कर्मचारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि स्कूल में कर्मचारी भविष्य निधि (PF) तथा कर्मचारी राज्य बीमा (ESIC) जैसी अनिवार्य सुविधाओं से उन्हें वंचित रखा जा रहा है। प्रबंधन पर यह भी इल्ज़ाम है कि वह अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर शिकायतों को दबाने की कोशिश करता है। अभिभावकों द्वारा पहले भी फीस संबंधी शिकायतें उच्च स्तर पर उठाई गईं, लेकिन प्रबंधन के रसूख के कारण कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। अब कर्मचारी और अभिभावक न्याय की गुहार लगा रहे हैं कि श्रम विभाग से लेकर कर विभाग तक संबंधित प्राधिकरण स्कूल की गहन जांच करें और आवश्यक कदम उठाएं।

श्रम कानूनों का उल्लंघन: PF व ESIC जैसी सुविधाओं से वंचित

भारत के श्रम कानूनों के तहत प्रत्येक नियोक्ता को अपने कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करनी होती है। कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध उपबंध अधिनियम 1952 के अनुसार 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले हर संस्थान में PF सुविधा लागू होना अनिवार्य है। विशेष रूप से निजी शैक्षणिक संस्थानों पर भी PF का प्रावधान स्पष्ट रूप से लागू होता है – यदि कोई स्कूल PF नहीं देता है तो शिक्षक कानूनी सहायता ले सकते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नारायण विद्यालय के कर्मचारियों का आरोप है कि अनेक शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन से PF/ESI की कटौती या तो की ही नहीं जाती, और यदि की भी जाती है तो उसे संबंधित खातों में जमा नहीं कराया जाता। यह न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का हनन है, बल्कि एक कानूनन अपराध भी है।

EPF/ESI का पालन न करने पर कड़ी सज़ा का प्रावधान है – EPF योगदान जमा न करने पर एक साल तक की कैद और ₹5,000 जुर्माना (पुनरावृत्ति होने पर तीन साल तक की कैद) तथा ESI में जानबूझकर गड़बड़ी पर दो साल तक की कैद व ₹5,000 तक जुर्माने का प्रावधान है। हाल ही में, अक्टूबर 2023 में चंडीगढ़ की एक अदालत ने ESIC बनाम समीर गुप्ता मामले में श्रम कानून की अवहेलना के लिए संबंधित नियोक्ता को तीन महीने की सादा कैद और अर्थदंड की सज़ा सुनाई। इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि PF/ESI में गड़बड़ी कानूनन गंभीर अपराध है और इसके लिए स्कूल प्रबंधन को भी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

नारायण विद्यालय के मामले में कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रबंधन का ध्यान PF/ESI न मिलने की ओर दिलाने की कोशिश की, लेकिन हर बार आश्वासन देकर उन्हें टाल दिया गया। कुछ कर्मचारियों का यह भी दावा है कि प्रबंधन के लोग खुलेआम कहते हैं, “हमारी ऊपर तक पहुंच है, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता,” जिससे कर्मचारियों में भय का माहौल है। एक अनाम शिक्षक ने बताया, “यहां कई स्टाफ को अनुबंध पर रखकर कम वेतन दिया जाता है और PF तो नाम मात्र को है। आवाज़ उठाने पर नौकरी जाने का डर दिखाया जाता है।” ऐसे वातावरण में कर्मचारी खुलकर शिकायत करने से डरते हैं, मगर श्रम विभाग, EPFO और ESIC को शिकायत मिलने पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए ताकि कर्मचारियों के हक़ बहाल हो सकें।

फीस कलेक्शन में गड़बड़ी और कर चोरी की आशंका

नारायण विद्यालय प्रबंधन पर केवल श्रम कानून ही नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लग रहे हैं। गत वर्षों में स्कूल की फ़ीस वसूली को लेकर भी भारी विवाद हुआ था। कोरोना महामारी के दौरान जब महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल फीस में रियायत के निर्देश दिए थे, तब नारायण विद्यालय (वर्धा रोड शाखा) पर पूर्ण फीस लेने का आरोप लगा। अभिभावकों ने विरोध प्रदर्शन किए और शिक्षा विभाग से लेकर विधानसभा अध्यक्ष नाना पटोले तक से इसकी शिकायत की, लेकिन शुरुआत में कहीं सुनवाई नहीं हुई।

बाद में शिक्षा विभाग द्वारा किए गए ऑडिट में खुलासा हुआ कि स्कूल ने तीन सालों में अभिभावकों से लगभग ₹7.59 करोड़ की अतिरिक्त फीस अवैध रूप से वसूली थी। विभाग ने दिसंबर 2020 में स्कूल प्रबंधन को यह अतिरिक्त राशि अभिभावकों को लौटाने का नोटिस जारी किया। मामला जब तूल पकड़ने लगा तो नागपुर खंडपीठ ने अंतरिम राहत देते हुए तत्काल किसी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई, मगर इस बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया कि अतिरिक्त वसूली गई फीस हर हाल में लौटानी होगी। महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री बच्चू कडू ने प्रेस वार्ता में कहा था कि नागपुर शहर के लगभग सभी निजी स्कूलों ने मिलकर कुल ₹100 करोड़ से ज्यादा की अतिरिक्त फीस वसूली नियमों को ताक पर रखकर की है, जिसमें नारायण विद्यालय का मामला सबसे प्रमुख है ऐसी चर्चा चारों तरफ चल रही है।

इन वित्तीय अनियमितताओं से यह प्रश्न उठता है कि क्या स्कूल के लेखा-बही (बैलेंस शीट) सच को छुपा रहे हैं? सूत्रों का कहना है कि स्कूल द्वारा छात्रों से नगद शुल्क के रूप में बड़ी रकम वसूली जाती है, लेकिन उसे पूरी तरह औपचारिक खातों में नहीं दर्शाया जाता। कर्मचारियों के PF/ESI न जमा करने से जहां स्कूल का खर्च कृत्रिम रूप से कम दिखता है, वहीं अभिभावकों से वसूली गई रकम का बड़ा हिस्सा उचित मदों में नहीं दर्शाया जाना संभावित कर चोरी की ओर इशारा करता है। यदि स्कूल की बैलेंस शीट में कर्मचारियों के वेतन व कानूनी देयों का खर्च वास्तविक अनुपालन लागत से कम दिख रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि कहीं न कहीं हेरा-फेरी हो रही है। आयकर विभाग और अन्य वित्तीय निरीक्षण एजेंसियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है कि कहीं टैक्स बचाने या अवैध लाभ कमाने के लिए गैर-कानूनी तरीके तो नहीं अपनाए जा रहे। ऐसी अनियमितताएं न केवल कानून के खिलाफ हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं और अभिभावकों के विश्वास के साथ धोखा भी हैं।

कोराड़ी और अमरावती शाखा से : कर्मचारियों की गुमनाम गवाही..!

नारायण विद्यालय की कोराड़ी रोड (नागपुर) शाखा और अमरावती शाखा के कुछ कर्मचारियों ने अपने नाम उजागर न करने की शर्त पर संस्थान के अंदरूनी हालात पर रोशनी डाली। कोराड़ी शाखा के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन नियम-कानून को दरकिनार कर कर्मचारियों से मनमाना व्यवहार करता है। “हमें नियमित रूप से अतिरिक्त घंटों तक कार्य कराया जाता है, लेकिन ओवरटाइम का कोई भुगतान नहीं मिलता,” उन्होंने कहा। “ESIC की सुविधा तो दूर, हमारे अधिकांश सहकर्मियों के लिए कोई स्वास्थ्य बीमा तक नहीं है। अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो सारा खर्च खुद उठाना पड़ता है,” इस कर्मचारी ने तकलीफ़ बयां की। उनके अनुसार, कई अस्थायी शिक्षकों को बिना उचित नियुक्ति पत्र के काम पर रखा गया है, ताकि कानूनी जवाबदेही से बचा जा सके। यह श्रम कानूनों का सीधा उल्लंघन है।

अमरावती शाखा के एक शिक्षक ने आर्थिक अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा, “हमसे कहा जाता है कि सैलरी का एक हिस्सा नकद लिया जाए। स्कूल प्रबंधन हमारे कुछ सहकर्मियों को अधिक वेतन पर हस्ताक्षर करवाकर कम नकद भुगतान करता है।” यह तरीका काले धन को बढ़ावा देने और EPF योगदान को कम दिखाने के लिए अपनाया जाता है, जिससे कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित नहीं रहता। अमरावती शाखा के ही एक अन्य कर्मचारी ने जोड़ा कि “स्कूल ने हमारी कई सहूलियतें कागज़ों पर दिखा रखी हैं, हकीकत में हमें कुछ नहीं मिलता। छुट्टियों का पैसा काट लिया जाता है, बोनस-ग्रेच्युटी की तो बात ही नहीं होती।” इन आरोपों से स्पष्ट होता है कि संस्था के भीतर श्रमिकों का शोषण हो रहा है और कागज़ी खानापूर्ति कर प्रबंधन अपनी छवि बनाए हुए है।

कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सामूहिक रूप से आवाज उठाने की कोशिश की, लेकिन हर बार प्रबंधन ने सख्ती दिखाकर मामले को दबा दिया। “जो थोड़ा बहुत विरोध करते हैं, उनके ऊपर काम का दबाव बढ़ा दिया जाता है या तबादले की धमकी दी जाती है,” एक शिक्षिका ने बताया। ऐसे में अधिकांश स्टाफ चुपचाप सहने को मजबूर हैं। कर्मचारी यूनियन जैसी कोई प्रभावी इकाई न होने के कारण उनकी शिकायतें ऊपर तक नहीं पहुंच पातीं। यह स्थिति श्रम कानूनों की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े करती है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि मीडिया में मामला आने के बाद सरकार और प्रशासन उनकी आवाज़ सुनेंगे।

कार्रवाई की मांग: शासन व प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार

नारायण विद्यालय की इन शाखाओं में व्याप्त कथित अनियमितताओं पर अब तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षा एवं श्रम जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संस्था यदि श्रम कानूनों का पालन नहीं कर रही, तो यह अन्य संस्थानों के लिए भी गलत नज़ीर बन जाएगी। महाराष्ट्र सरकार के संबंधित मंत्रियों – विशेषकर राज्य के श्रम मंत्री व स्कूल शिक्षा मंत्री – को इन आरोपों पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। इसी के साथ स्थानीय प्रशासन, श्रम आयुक्त कार्यालय, ईपीएफओ (EPFO) तथा ईएसआईसी (ESIC) के क्षेत्रीय अधिकारियों को मिलकर स्कूल की गहन जांच करनी चाहिए। कर्मचारियों के PF एवं ESI रिकॉर्ड, स्कूल की बैलेंस शीट, फीस संग्रह और कर विवरण का ऑडिट निष्पक्ष एजेंसी द्वारा कराया जाना चाहिए ताकि सच सामने आ सके। अगर जांच में उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए – जिसमें बकाया PF/ESI राशि की वसूली, जुर्माना, और जरूरत पड़ने पर फ़ौजदारी मुकदमा तक शामिल है।

सबसे अहम बात यह है कि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर बैठे जनप्रतिनिधि भी ध्यान दें। विदर्भ क्षेत्र के इन विद्यालयों से जुड़े मामले पहले भी विधानसभा अध्यक्ष स्तर तक पहुंच चुके हैं, लेकिन पर्याप्त हल नहीं निकला। अब आवश्यकता है कि क्षेत्र के विधायक, सांसद और मंत्रीगण खुद हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें। स्कूल प्रबंधन को भी स्पष्ट संदेश दिया जाए कि राजनीतिक संबंधों का दुरुपयोग कर कानून से ऊपर बनने की कोशिश बर्दाश्त नहीं होगी। अगर नारायण विद्यालय ने वाकई कानून तोड़े हैं तो उसे जवाबदेह ठहराया जाए, ताकि राज्य में अन्य शैक्षणिक संस्थान ऐसे व्यवहार से सबक लें। नारायण विद्यालय मामले ने दिखाया है कि एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान के आवरण तले किस तरह श्रमिकों के अधिकारों और अभिभावकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ हो सकता है। यह सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले संस्थानों में कानून का पालन हो और पारदर्शिता रहे। न्याय के हित में संबंधित विभागों द्वारा सघन जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई ही इस “बड़ी मछली” को कानून के जाल में ला सकती है। प्रदेश के हज़ारों शिक्षकों-कर्मचारियों और अभिभावकों की नज़र अब सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी है। हम महाराष्ट्र सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपील करते हैं कि इन शिकायतों पर अविलंब कार्यवाही कर श्रमिकों व अभिभावकों को न्याय दिलाएं तथा शिक्षा जगत में कानून के राज को स्थापित करें। समुदाय को उम्मीद है कि इस बार उनकी आवाज़ अनसुनी नहीं जाएगी और नारायण विद्यालय प्रकरण एक मिसाल बनेगा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या उपस्थितीतीत ‘मॅक्स एरोस्पेस’ आणि उद्योग विभागात सामंजस्य करार..

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  • नागपूरमध्ये उभारणार हेलिकॉप्टर निर्मिती कारखाना
  • सुमारे 8000 कोटींची गुंतवणूक होणार, 2000 रोजगार निर्मिती

मुंबई  : नागपुरात सुमारे 8 हजार कोटी रुपये गुंतवणुकीचा हेलिकॉप्टर उत्पादन निर्मिती कारखाना उभारण्यात येणार आहे. यासंदर्भात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांच्या उपस्थितीत मॅक्स एरोस्पेस अँड एव्हिएशन प्रा. लि. आणि महाराष्ट्र शासनाच्या उद्योग विभागात नागपूरमध्ये हेलिकॉप्टर उत्पादन कारखाना उभारण्यासाठी सामंजस्य करार करण्यात आला. नागपूरमधील संरक्षण उत्पादन क्षेत्राला यामुळे गती मिळणार असल्याचे मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस यांनी यावेळी सांगितले.

सह्याद्री अतिथीगृहात आयोजित कार्यक्रमात उद्योग विभागाचे सचिव पी अन्बलगन, महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडळाचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. वेलरासू आदी उपस्थित होते. श्री. अन्बलगन आणि मॅक्स एरोस्पेसचे अध्यक्ष भरत मलकानी यांच्यात हा सामंजस्य करार झाला. या करारानुसार मॅक्स एरोस्पेस नागपूर येथे हेलिकॉप्टर निर्मिती कारखाना उभारणार असून त्याचे प्रत्यक्ष काम 2026 पासून सुरू होणार आहे. या प्रकल्पामध्ये प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सुमारे दोन हजार रोजगार निर्मिती होणार असून या प्रकल्पात आठ वर्षांमध्ये सुमारे 8 हजार कोटींची गुंतवणूक होणार आहे. 

हा करार भारताच्या ‘मेक इन इंडिया’ आणि ‘आत्मनिर्भर भारत’ मोहिमेला चालना देणारा टप्पा ठरणार आहे. हेलिकॉप्टरचे कस्टमायझेशन आणि पूर्ण उत्पादन यासाठी समर्पित असलेला  महाराष्ट्रातील हा पहिलाच प्रकल्प असेल. या उपक्रमामुळे महाराष्ट्र हे एरोस्पेस उत्पादनाचे महत्त्वाचे केंद्र म्हणून उदयास येणार आहे.

या प्रकल्पात आंतरराष्ट्रीय दर्जाच्या तंत्रज्ञानाचा समावेश असून, रोटरी-विंग प्लॅटफॉर्म्सचे कस्टमायझेशन, इंटिग्रेशन आणि फ्लाइट टेस्टिंग यासाठी हे उत्कृष्टता केंद्र (सेन्टर ऑफ एक्सलन्स) म्हणून कार्य करणार आहे. नागपूर विमानतळाजवळ हे केंद्र असल्यामुळे विद्यमान पायाभूत सुविधा आणि लॉजिस्टिक सपोर्टचा लाभ घेता येणार आहे. यामुळे भारताच्या वाढत्या एरोस्पेस पुरवठा साखळीतही योगदान मिळणार आहे.

यावेळी मुख्यमंत्री श्री. फडणवीस म्हणाले की, मॅक्स एरोस्पेसने हेलिकॉप्टर उत्पादनासाठी महाराष्ट्र विशेषतः नागपूरची निवड केल्याचा आनंद आहे. मॅक्स एरोस्पेसच्या व्यवसायाच्या प्रवासात राज्य शासनही सहभागी आहे. संरक्षण उत्पादन क्षेत्रासाठी नागपूरमध्ये चांगल्या सुविधा निर्माण केल्या आहेत. मॅक्स एरोस्पेसला त्यांच्या उत्पादन कारखान्यासाठी आवश्यक ते सर्व सहकार्य केले जाईल. कंपनीने आपले उत्पादनाचे काम ठरलेल्या वेळेत सुरू करावे. 

श्री. मलकानी यांनी नागपूरमध्ये संरक्षण उत्पादन क्षेत्रासाठी परिपूर्ण परिसंस्था असून उत्पादन निर्मितीसाठी आवश्यक त्या सर्व सोयीसुविधा राज्य शासनाने उपलब्ध करून दिल्या असल्याचे सांगितले. मी मूळचा महाराष्ट्राचा असल्याने महाराष्ट्रातच उत्पादन केंद्र सुरू करण्याचा निर्णय घेतला आहे. हेलिकॉप्टर उत्पादन निर्मिती क्षेत्रात महाराष्ट्राला पुढे नेण्यासाठी प्रयत्न करणार असल्याचेही त्यांनी यावेळी सांगितले.

सामंजस्य कराराचा तपशील:

प्रकल्पाचे नाव : हेलिकॉप्टर उत्पादन कारखाना

ठिकाण : नागपूर

गुंतवणूक : ₹8000 कोटी (8 वर्षांत)

रोजगार संधी : 2000

प्रस्तावित प्रारंभ वर्ष : 2026

ही भागीदारी महाराष्ट्राच्या औद्योगिक विकासाच्या दिशेने एक महत्त्वाचे पाऊल ठरणार असून, भारताला संरक्षण क्षेत्रात स्वयंपूर्ण करण्यास हातभार लावणारी ठरेल, असा विश्वास यावेळी व्यक्त करण्यात आला.

यावेळी मॅक्स एरोस्पेचे अध्यक्ष भरत मलकानी, व्यवसाय विकासच्या प्रमुख मेघना मलकानी, मुख्य आर्थिक अधिकारी किरीट मेहता, अध्यक्ष जयेश मेहता, सल्लागार नीरज बेहेरे, सल्लागार  देवदत्त वानरे आदी उपस्थित होते.

मनपाची ज्ञानयोगी डॉ. श्रीकांत जिचकार ई-लायब्ररी स्पर्धा परीक्षार्थींसाठी वरदान..

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विद्यार्थी व स्पर्धा परीक्षेची तयारी करणाऱ्यांना नि:शुल्क सुविधा

नागपूर, ता. १०  : नागपूर महानगरपालिकेच्या पाच वर्षांपूर्वी सुरू झालेल्या जयताळा येथील ज्ञानयोगी डॉ. श्रीकांत जिचकार ई-लायब्ररीचा लाभ घेऊन अभ्यास करणारे अनेक विद्यार्थी व स्पर्धा परीक्षांची तयारी करणारे अनेक जण शासकीय सेवेत दाखल झाले आहेत. शहराच्या एका टोकाला असलेली ही ई-लायब्ररी आर्थिकदृष्या दुर्बल घटकातील विद्यार्थी व स्पर्धा परीक्षांची तयारी करणार्या विद्यार्थ्यांसाठी आशेचा किरण ठरत आहे.मनपा आयुक्त तथा प्रशासक डॉ. अभिजीत चौधरी मार्गदर्शनानुसार, अतिरिक्त आयुक्त श्रीमती वैष्णवी बी. यांच्या नेतृत्त्वात आणि शिक्षणाधिकारी श्रीमती साधना सयाम यांच्या मार्गदर्शनाखाली महानगरपालिकेचे ग्रंथालये अधिकाधिक अभ्यास केंद्र म्हणून विकसित करण्यात येत आहे.

महानगरपालिकेतर्फे जयताळा येथे सुरुवातीला नागरिकांसाठी वृत्तपत्र वाचन करण्याकरिता फक्त अध्ययन कक्ष चालविला जात होते. या भागातील विद्यार्थ्यांना अभ्यास करण्यासाठी खासगी वाचनालायाशिवाय पर्याय नव्हता. त्यामुळे दरमहिन्यात शुल्क देणे विद्यार्थ्यांना परवडत नव्हते. महानगरपालिकेने सन  2019 पासून अध्ययन कक्षाचे स्वरुप ई-लायब्ररीत बदलविण्यात आले.  सन 2021 पासून विद्यार्थ्यांना अध्ययन कक्षातील वृत्तपत्र वाचनाशिवाय ई-लायब्ररीत अभ्यास करण्याची संधी मिळू लागली आहे. या ई-लायब्ररीत अभ्यास करणासाठी येणाऱ्या विद्यार्थ्यांपुढे  ज्ञानयोगी डॉ. श्रीकांत जिचकार यांचा आदर्श असावा, अभ्यास करणारा विद्यार्थी हा डॉक्टर, इंजिनियर, सीए असा उच्चविद्याविभूषित व्हावा,  आयएएस,आयपीएस  या सारख्या मोठया परीक्षा उत्तीर्ण कराव्यात, बॅक, रेल्वे  व इतर सरकारी पदावर त्यांची निवड व्हावी,  विद्यार्थ्यांनी डॉ. श्रीकांत जिचकार यांच्या सारखे मोठे यश मिळावावे याकरीता या लायब्ररीला   ज्ञानयोगी डॉ. श्रीकांत जिचकार ई-लायब्ररी नाव देऊन एक मोठा आदर्श विद्यार्थ्यांसमोर ठेवण्यात आला आहे. बँक व पोलीस भरतीच्या स्पर्धा परीक्षांची तयारी करणाऱ्या विद्यार्थ्यांचा सर्वाधिक कल या लायब्ररीकडे आहे.या ई-लायब्ररीची सभासद संख्या ही 910 आहे.  महानगरपालिकेतर्फे मान्यता प्राप्त असलेल्या भारतीय शिक्षण संस्था, जयताळा नागपूर या स्वयंसेवी संस्थेच्या माध्यमातून परिसरातील नागरिकांसाठी अध्ययन कक्ष बरोबर विद्यार्थ्यांकरीता ई-लायब्ररी चालविली जात आहे. मनपाच्या नियमानुसार सकाळी 8 ते रात्री 8 वाजेपर्यंत ही लायब्ररी चालविली जाते.

विविध स्पर्धा परीक्षा, एमपीएससी, यूपीएससीच्या विविध परीक्षेची तयारी करताना विद्यार्थ्यांना कुठलीही अडचणी येऊ नये याकरीता विद्यार्थ्यांशी संवाद साधून विद्यार्थ्यांच्या मागणीनुसार संदर्भ साहित्य, पुस्तके आणले जाते. तर परीक्षेंच्या काळात विद्यार्थ्यांचे भवितव्य लक्षात घेऊन अभ्यासिकेची वेळ सुद्धा रात्री दहा वाजेपर्यंत वाढविली जाते.लायब्ररीत मुला-मुलींच्या अभ्यासासाठी चांगले टेबल खुर्च्या इत्यादीची सोय करण्यात आली आहे. स्पर्धा परीक्षेची तयारी करणार्या विद्यार्थ्यांकरीता नि:शुल्क अभ्यासिका, नि:शुल्क कंप्यूटर व इंटरनेट सुविधा, एअर कंडिशनर रुम, भोजनासाठी वेगळे टेबल, पिण्याच्या पाण्याची सुविधा दिली जात आहे. त्यामुळे एकाच दिवशी 250 च्यावर विद्यार्थ्यांना अभ्यासाची सुविधा उपलब्ध होत असल्याची माहिती भारतीय शिक्षण संस्थांचे संचालक ज्ञानेश्वर चौधरी यांनी माहिती दिली.जिल्हयातील विविध ग्रामीण भागातील आणि चंद्रपूर, वर्धा, गडचिरोली, भंडारा, गोंदिया सारख्या जिल्ह्यातील विद्यार्थी या लायब्ररीचा लाभ घेत आहेत. दरवर्षी वेगवेगळ्या पदावर नोकरी मिळविलेल्या उमेदवारांचा सत्कार, त्यांचे कौतुक आणि त्यांचे अनुभवकथनाचे कार्यक्रम  आयोजित केले जात असल्यामुळे इतर विद्यार्थ्यांना सुद्धा यश मिळविण्याकरीता प्रेरणा मिळत आहे.  विद्यार्थ्यांची वाढती संख्या लक्षात घेता काही खोल्यात अभ्यासिकेची सुविधा सुद्धा वाढविली जाणार आहे अशी माहिती भारतीय शिक्षण संस्थांचे संचालक श्री. ज्ञानेश्वर चौधरी यांनी दिली.

कॅन्सर डायग्नोसीस व्हॅनचा लाभ घेण्याचे आवाहन जिल्हाधिकाऱ्यांच्या हस्ते आज व्हॅनचे उद्घाटन..

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यवतमाळ, दि. 11 (जिमाका) : राष्ट्रीय असंसर्गजन्यरोग नियंत्रण कार्यक्रम राज्यात राबविण्यात येत आहे. या कार्यक्रमांतर्गत उच्च रक्तदाब, मधुमेह, मुख कर्करोग, स्तन कर्करोग, गर्भाशयमुख कर्करोग, स्ट्रोक, हृदयरोग इत्यादी आजारांची सर्व आरोग्य संस्थांमध्ये तपासणी, उपचार व निदान केल्या जाते. कार्यक्रमांतर्गत दि.30 जूनपर्यंत विशेष तपासणी मोहिम राबविण्यात येत आहे. मोहिमेंतर्गत संशयित कॅन्सर रुग्णांवर मोफत निदान व उपचारासाठी तपासणी व्हॅन जिल्ह्यात येणार आहे. या व्हॅनचा लाभ घेण्याचे आवाहन करण्यात आले आहे.

राष्ट्रीय असंसर्गजन्यरोग नियंत्रण कार्यक्रम जिल्ह्यात सर्व आरोग्य संस्थांमध्ये सन 2018 पासून राबविण्यात येतो. कार्यक्रमांतर्गत वर्षभर विविध आरोग्य दिवस साजरे केले जातात. जागतिक कर्करोग दिन, जागतिक कर्करोग दिन हा दरवर्षी 4 फेब्रुवारी रोजी साजरा करण्यात येतो. त्यानुसार यावर्षी देखील जिल्हा महिला व बाल रुग्णालयात जनजागृतीपर कार्यक्रम घेवून दिवस साजरा करण्यात आला.

जिल्ह्यात दि.30 जून सर्व उपजिल्हा, ग्रामीण रुग्णालय, प्राथमिक आरोग्य केंद्र, उपकेंद्र, नागरी आरोग्य केंद्र, नागरी आरोग्य उपकेंद्र, आपला दवाखाना या ठिकाणी मुख कर्करोग, स्तन कर्करोग व गर्भाशयमुख कर्करोग या तीन कर्करोगासंबंधी विशेष तपासणी मोहीम राबविण्यात येत आहे. सदर मोहिमेंतर्गत या तीन कर्करोगासंबंधीत आढळुन आलेल्या संशयित रुग्णांवर मोफत निदान व उपचार करण्याकरीता जिल्ह्यात प्रथमच कॅन्सर डायग्नोसीस व्हॅनचे आगमन होणार आहे.

कॅन्सर डायग्नोसीस व्हॅनमध्ये तपासणी दरम्यान आढळुन येणाऱ्या मुख कर्करोग, स्तन कर्करोग व गर्भाशयमुख कर्करोगाच्या संशयित रुग्णांची बायोप्सी करण्यात येणार आहे. दि.12 जून रोजी जिल्हा शल्य चिकित्सक व जिल्हा आरोग्य अधिकारी यांच्या समन्वयाने जिल्हाधिकारी व मुख्य कार्यकारी अधिकारी यांच्या हस्ते हिरवी झेंडी दाखवून कॅन्सर डायग्नोसीस व्हॅनचे उद्घाटन करण्यात येणार आहे. व्हॅन ही सर्व उपजिल्हा व ग्रामीण रुग्णालय तसेच प्राथमिक आरोग्य केंद्र येथे महिनाभर फिरणार आहे. मुख कर्करोग, स्तन कर्करोग, गर्भाशयमुख कर्करोग संबंधी लक्षणे निदर्शनास येणाऱ्या व्यक्तींनी व्हॅनचा लाभ घ्यावे, असे आवाहन जिल्हा शल्य चिकित्सकांनी केले आहे.

जिल्हयात 15 दिवस जमावबंदी आदेश लागू

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गडचिरोली,(जिमाका)दि.11: छत्तीसगड राज्यातील नारायणपुरच्या अबुजमाड भागात (गडचिरोली जिल्ह्याचे
हद्दीत 15 ते 20 किलोमीटर अंतरावर) दिनांक 21 मे 2025 रोजी छत्तीसगड पोलीस व माओवाद्यात चकमक
झाली होती. त्यात 27 माओवाद्यांचा खात्मा करण्यास छत्तीसगड पोलीसांना यश आले होते. त्यामध्ये जहाल
माओवादी भाकपा (माओवादी) महासचिव, पोलीट ब्युरो सदस्य, माओवाद्यांचा सर्वोच्च नेता नंबाला केशव राव
उ र्फे बसवा राजु यांचेसह इतर माओवाद्यांचा समावेश होता. यातील मृत माओवांद्याच्या स्मरणार्थ आणि
सरकारचा निषेध करण्यासाठी माओवाद्यांकडून दिनांक 10 जून रोजी भारत बंद, देशव्यापी बंद तसेच दिनांक
11 जून ते 03 ऑगस्ट दरम्यान बसवा राजु आणि इतर मारल्या गेलेल्या माओवाद्यांच्या स्मृतीत स्मारक सभा
आयोजित करण्याचे आवाहन माओवाद्यांकडून करण्यात आले आहे.
तसेच काही विविध राजकीय पक्ष, संघटना व इतर नागरिक हे शासनाचे लक्ष वेधण्यासाठी धरणे, मोर्चे, आंदोलने, सभा, मिरवणुक, सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करण्याची शक्यता असल्याने सदर कालावधीत कोणताही अनुचित प्रकार घडू नये तसेच कायदा व सुव्यवस्था अबाधीत राखण्याच्या दृष्टीने संपुर्ण गडचिरोली जिल्ह्यात दिनांक 10.06.2025 चे 00.01 वा. ते दिनांक 24.06.2025 चे 24.00 वा. पर्यंत महाराष्ट्र पोलीस अधिनियम, 1951 चे कलम 37 (1)(3) लागु करण्यात आलेले आहे. त्यामुळे सदर कालावधीत कायदा व सुव्यवस्था अबाधीत राहण्याच्या दृष्टीने विवक्षित कृतींना मनाई करणे व अव्यवस्थेला प्रतिबंध उपाय करणे आवश्यक आहे. याकरीता जिल्हादंडाधिकारी, गडचिरोली यांनी महाराष्ट्र पोलीस
अधिनियम 1951 चे कलम 37 (1) आणि (3) अन्वये प्राप्त अधिकाराचा वापर करुन दिनांक 10.06.2025 चे 00.01 वा. ते दिनांक 24.06.2025चे 24.00 वा.पर्यंत या कालावधीत पुढील गोष्टींना मनाई केलेली आहे.
शस्त्र, सोटे, तलवारी, भाले, दंडे, बंदुका, सुरे, काठ्या किंवा लाठया किंवा शारिरीक इजा करण्यासाठी वापरता येईल, अशी इतर कोणतीही वस्तु बरोबर नेणे, कोणताही दाहक पदार्थ किंवा स्फोटक पदार्थ बरोबर नेणे, दगड किंवा इतर क्षेपणास्त्रे किंवा क्षेपणास्त्र सोडावयाची किंवा फेकावयाची उपकरणे किंवा साधने बाळगणे, किंवाजमा करणे किंवा तयार करणे यावर प्रतिबंध घालण्यात आले आहे. व्यक्तिच्या किंवा प्रेताच्या किंवा आकृत्या किंवा त्यांच्या प्रतिमा यांचे प्रदर्शन करणे, जाहीरपणे घोषणा करणे, गाणी म्हणने, वाद्य वाजविणे, ज्यामुळे सभ्यता अगर नितीमत्ता यास धक्का पोहचेल अशी किंवा राज्याची सुरक्षितता धोक्यात येईल किंवा ज्यामध्ये उलथवून टाकण्याची प्रवृत्ती दिसून येत असेल, अशी आवेशपूर्ण भाषणे करणे, हावभाव करणे, अगर सोंग आणणे आणि अशी चित्रे, चिन्हे, फलक किंवा इतर कोणताही जिन्नस किंवा वस्तू तयार करणे त्याचे प्रदर्शन करणे किंवा त्याचा जनतेत प्रसार करणे. उपविभागीय दंडाधिकारी, कार्यकारी दंडाधिकारी अथवा संबंधित पोलिस स्टेशन अधिकारी (जे शक्य असेल ते) यांच्या पूर्व परवानगी शिवाय कोणीही मिरवणूक काढू नये, पाच इसम किंवा त्यापेक्षा जास्त इसम सार्वजनिक जागेत सार्वजनिक रस्त्यावर किंवा सार्वजनिक चावडीवर दिनांक 10.06.2025 चे 00.01 वा. ते दिनांक 24.06.2025चे 24.00 वा.पर्यंत जमा होणार नाहीत किंवा कोणतेही
कार्यक्रम आयोजित करणार नाही. सदर आदेश दिनांक 10.06.2025 चे 00.01 वा. ते दिनांक 24.06.2025 चे 24.00 वा.वाजेपावेतो संपुर्ण गडचिरोली जिल्हयाच्या क्षेत्राकरीता लागु राहतील असे जिल्हादंडाधिकारी,
गडचिरोली, अविश्यांत पंडा यांनी आदेशीत केले आहे.

इंदापूर, माणगाव बायपास रस्त्यांचे काम पूर्ण होईपर्यंत वाहतूक कोंडी टाळण्यासाठी चार पर्यायी रस्त्यांची कामे – उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचे निर्देश

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 मुंबई-गोवा राष्ट्रीय महामार्गावर वाहतूक कोंडी सोडवण्यासाठी पर्यायी मार्गांचे रुंदीकरण, दुरुस्ती करुन तातडीची उपाययोजना

उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या अध्यक्षतेखालील बैठकीत निर्णय

मुंबई दि.११ :- मुंबई – गोवा राष्ट्रीय महामार्गावर इंदापूर आणि माणगाव बायपास रस्त्याचे काम पूर्ण होईपर्यंत प्रवाशांची वाहतूक कोंडीतून सुटका होणे आवश्यक आहे. त्यासाठी मोरबा रोड ते मुंबई-गोवा हायवे रस्ता, साईनगर कालवा ब्रिज ते उत्तेखोल कालवा गावापर्यंतचा रस्ता आणि निजामपूर रोड कालवा ते भादाव रस्ता हे माणगाव नगरपंचायत हद्दीतील तीन रस्ते आणि मुंबई – गोवा महामार्गावरील इंदापूर कॅनल रस्ता ते विगवली फाटा रस्ता, अशा चारही रस्त्यांच्या कामांसाठी आवश्यक १५ कोटी रुपयांचा निधी तातडीने उपलब्ध करून देण्यात येईल. ही कामे पूर्णत्वास नेण्याची कार्यवाही तातडीने करावी, असे निर्देश उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी दिले.

मंत्रालयातील उपमुख्यमंत्री कार्यालयाच्या समिती कक्षात मुंबई – गोवा राष्ट्रीय महामार्ग इंदापूर बायपास, माणगाव बायपास रस्त्यांच्या कामासंदर्भात उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या अध्यक्षतेखाली बैठकीचे आयोजन करण्यात आले होते. उपमुख्यमंत्री अजित पवार दूरदृश्यसंवाद प्रणालीद्वारे बैठकीत सहभागी झाले होते. यावेळी सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम वगळून) मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, महिला व बालविकास मंत्री आदिती तटकरे, खासदार सुनील तटकरे, महसूल विभागाचे अपर मुख्य सचिव राजेश कुमार, नियोजन विभागाचे अपर मुख्य सचिव डॉ. राजगोपाल देवरा, वित्त विभागाचे अपर मुख्य सचिव ओ.पी. गुप्ता, सार्वजनिक बांधकाम विभागाच्या अपर मुख्य सचिव मनीषा म्हैसकर, उपमुख्यमंत्री कार्यालयाचे सचिव राजेश देशमुख, सार्वजनिक बांधकाम विभागाचे सचिव (बांधकामे) संजय दशपुते, कोकण विभागीय आयुक्त डॉ. विजय सूर्यवंशी, रायगडचे जिल्हाधिकारी किसन जावळे, रायगड जिल्हा परिषदेच्या मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहा भोसले, रायगडच्या पोलीस अधीक्षक आंचल दलाल, यांच्यासह राष्ट्रीय महामार्ग विभाग, केंद्रीय रस्ते वाहतूक व महामार्ग विभागाचे संबंधित अधिकारी उपस्थित होते.

१८ मे रोजी उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी रायगड जिल्ह्यातील या महामार्गाच्या कामाची हवाई व प्रत्यक्ष पाहणी केली होती. त्यावेळी त्यांनी आश्वासन दिल्यानुसार, आज मंत्रालयात ही बैठक आयोजित करण्यात आली होती. यावेळी माणगाव, इंदापूर येथील वाहतूककोंडी, पर्यायी मार्ग याविषयी सविस्तर चर्चा करण्यात आली. ज्या कामांसाठी राष्ट्रीय महामार्गतर्फे निधी उपलब्ध होऊ शकत नाही, त्यासाठी राज्य शासन निधी उपलब्ध करून देईल, असे उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी आश्वस्त केले.

 या महामार्गावर वाहतुकीची कोंडी निर्माण होऊ नये जास्तीचे मनुष्यबळ तैनात करण्यासंदर्भात रायगडचे जिल्हाधिकारी आणि जिल्हा पोलीस अधीक्षक यांना दक्षता घेण्याच्या सूचनाही उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांनी दिल्या.

कामठी तालुका विजरोधक यंत्राविना..

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संदीप कांबळे, विशेष प्रतिनिधी

कामठी ता प्र 11:-दरवर्षी प्रमाणे यावर्षी सुद्धा पावसाळा ऋतूत मोठ्या प्रमाणात पाऊस होणार असल्याचे सांगण्यात येते दरवर्षी पावसाळ्यात विज आंगावर पडून मृत्यू झाल्याच्या घटना ऐकीवास येतात तेव्हा सावधानता बाळगण्याच्या उद्देशाने कामठी तालुक्यात विजरोधक यंत्र बसविने गरजेचे आहे मात्र याबाबत प्रशासनाने गंभीरतेची दखल घेत शासनाकडे याबाबत कधीही प्रस्ताव न टाकल्याने राज्याचे म्हसुल मंत्री व नागपूर जिल्ह्याचे पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे यांच्या कार्यक्षेत्रात येणारा कामठी तालुका विजरोधक यंत्राविना आहे.

मान्सूनपूर्व आणि मान्सूनच्या सुरुवातीच्या कालखंडात विशेषता माहे मे,जून व जुलै तसेच मान्सून पश्चात साधारणता माहे ऑक्टोबर या महिण्यात कामठी तालुक्यात विजेच्या कडकडाटा सह पूर्वमोसमी पाऊस हजेरी लावतो त्यानुसार मागील वर्षी 9 जून ला कामठी तालुक्यातील जाखेगाव रहिवासी 42 वर्षीय रामराव आकरे नामक शेतकरी चा अंगावर वीज पडल्याने मृत्यू झाला आहे तसेच यावर्षी बोरगाव येथील तरुण शेतकरी कैलास गोपाल प्रगट चा बकऱ्या चरवत असताना अंगावर वीज पडल्याने मृत्यू झाला तसेच एका 14 वर्षीय बालकाचा सुद्धा मृत्यू झाला आहे हे विसरता येत नाही.याप्रकारच्या अंगावर वीज कोसळल्याने मृत्युमुखी च्या दुर्घटना होत असतात .तेव्हा वीज पडण्याच्या घटनेतील जिवीतहाणी कमी करण्यासाठी किंबहुना टाळण्यासाठी काही ठोस उपाययोजना करणे गरजेचे आहे.

पावसाळ्याची सुरुवात ही नेहमीच वादळी वारा आणि विजांच्या कडकडाटा सह असते ही प्रक्रिया वातावरणातील बदलामुळे होत असल्याने अपरिहार्य आहे.कारण ही प्रक्रिया झाली नाही तर कदाचित पाऊसही पडणार नाही. अशात विजरोधक यंत्र बसविल्यास त्या परिसरात वीज पडण्याची घटना टाळून जिवीतहाणी टाळता येऊ शकते .तेव्हा पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे यांनी वीज कोसळून मृत्युमुखी पडण्याच्या घटनेला ब्रेक लागावा यासाठी कामठी तालुक्यात विजरोधक यंत्र बसविण्यात यावे अशी मागणी येथील जागरूक नागरीक करीत आहेत.

शाहु-फुले-आंबेडकर पुरस्कार ओगावा सोसायटीला प्रदान..

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ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांनी व्यक्त केली कृतज्ञता.

संदीप कांबळे, विशेष प्रतिनिधी

कामठी ता प्र 11:- महाराष्ट्र शासनाच्या सामाजिक न्याय व विशेष सहास्य विभागाच्या वतीने राज्यस्तरीय शाहु-फुले-आंबेडकर पारितोषिके करिता कामठीच्या ओगावा सोसायटीची निवड करण्यात आली होती. त्यानुसार हा पुरस्कार ओभावा सोसायटीच्या अध्यक्षा ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांना मुंबई येथे मंगळवार दि. १० जुन २०२५ रोजी पार पडलेल्या सोहळ्यात मुख्यमंत्री मा. देवेंद्रजी फडणवीस, उपमुख्यमंत्री मा. एकनाथजी शिंद, सामाजिक न्याय व विशेष सहास्य मंत्री मा. संजय सिरसाट, संजय राठोड यांच्या प्रमुख उपस्थितीत सन्मानाने प्रदान करण्यात आला.

सन १९९६ मध्ये ओगावा सोसायटीची स्थापना गाजी राज्यमंत्री ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांनी केली होती. जपान येथील नोरीको ओगावा यांच्या कार्याचा ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांच्यावर प्रचंड मोठा प्रभाव आहे. त्यांच्याव आशीर्वादाने आपण कामठीत जगविख्यात ड्रॅगन पॅलेस टेम्पल उभारू शकलो, अशीही कृतज्ञता ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांनी पुरस्कार सोहळ्यानंतर व्यक्त केली आहे.

ओगावा सोसायटीने विश्वविख्यात ड्रॅगन पॅलेसची निर्मिती केली, ड्रॅगन पॅलेस हे शांती, मैत्री व मानव कल्याणकारी विचाराचे केंद्र म्हणुन जगप्रसिध्द आहे तसेच डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सांस्कृतिक व संशोधन केंद्र ड्रॅगन पॅलेस विपश्यना मेडीटेशन सेंटर पाहुन तत्कालीन राष्ट्रपती डॉ. रामनाथ कोविंद, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनीही प्रशंसा केली होती. दरम्यान, ओगावा सोसायटीतर्फे ड्रैगन इंटरनॅशनल स्कुल, दादासाहेब कुंभारे बहुउद्देशीय प्रशिक्षक्षण केंद्राची निर्मिती केली आहे. ओगावा सोसायटीद्वारे वर्षभर अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम राबविल्या जातात, ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांच्या नेतृत्वात ओगावा सोसायटी पूर्णपणे डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या चळवळीला समर्पित आहे ओगावा सोसायटीच्या कार्याची दखल घेत शाहु-फुले-आंबेडकर पुरस्कार देण्याचा निर्णय सामाजिक न्याय व विशेष सहाय्य विभाग मंत्रालयाने घेतला याबद्दल ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांनी मुख्यमंत्री देवेंद्रजी फडणवीस आणि संबंधित विभागाचे आभार मानले आहेत. दरम्यान, माझी आई नलीनीताई नारायणराव कुंभारे यांनी मला जे पाठवळ दिले त्यामुळेच आपण अनेक समाजोपयोगी उपक्रम प्रत्यक्षात आणु शकले हा पुरस्कार भी आई नलीनी, वडील दादासाहेब कुंभारे आणि नोरीको ओगावा यांना समर्पित करीत असल्याचीही कृतज्ञता ॲड. सुलेखाताई कुंभारे यांनी व्यक्त केली आहे.